अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदौरा ने बताया कि तुगलकाबाद किले के पास डीडीए के जंगल से एक व्यक्ति का शव सड़ी-गली हालत में 18 फरवरी, 2002 को मिला था। शव पत्थरों से ढका हुआ था। मृतक बिहार निवासी निवासी कलाम अंसारी का सिर बेरहमी से कुचल दिया गया था। जांच में पता चला कि कलाम 2001 में आरोपी फिरोज उर्फ ख्वाजा उर्फ खाजे के साथ काम की तलाश में दिल्ली आया था।
आरोपी और मृतक के परिवार के बीच पहले से ही झगड़ा चल रहा था। आरोपी फिरोज के भाई साहबजान की शादी मृतक के गांव में हुई थी, लेकिन उसकी पत्नी के साथ उसका झगड़ा चल रहा था। वह उसके साथ जाने को तैयार नहीं थी। इसके बाद, साहबजान ने मृतक कलाम के घर के सामने आत्महत्या कर ली। चूंकि मृतक, आरोपी के भाई का रिश्तेदार (साला) लगता था, इसलिए आरोपी को मृतक के परिवार पर शक था और उसने बदला लेने की बात कही थी।
फिरोज कलाम को 15 फरवरी, 2002 को तुगलकाबाद के पास जंगल में ले गया और पत्थरों से उसका सिर कुचल दिया। इसके बाद आरोपी बिहार लौट गया और कलाम के बारे में गलत जानकारी दी। इंस्पेक्टर विनय कुमार, एसआई विकास सोलंकी और एसआई रितेश कुमार की टीम ने पिछले दो महीनों में बिहार समेत संदिग्ध जगहों पर लगभग 30 छापे मारे। आरोपी ने अपने पैतृक गांव से संपर्क तोड़ लिया था। आखिरकार पुलिस टीम ने उसे गुरुग्राम के आईएमटी मानेसर में रेडीमेड गारमेंट बनाने और एक्सपोर्ट करने वाली एक फैक्ट्री में काम करते हुए गिरफ्तार कर लिया।