-एचडीएफसी अधिकारी बनकर उड़ाए थे 16 लाख रुपये, फर्जी आईडी से खुलवाए बैंक खाते नोट बंदी के दौरान खरीदे थे सोने के सिक्के
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
द्वारका साउथ थाना पुलिस ने करीब 10 साल पुराने धोखाधड़ी और ठगी के मामले को सुलझाते हुए एक प्रॉपर्टी डीलर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सुनील गुप्ता उर्फ सुनील अग्रवाल (45) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी उत्तम नगर के भगवती गार्डन में प्रॉपर्टी डीलर के रूप में काम कर रहा था और लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। आरोपी पहले भी धोखाधड़ी और साइबर फ्रॉड के चार मामलों में शामिल रहा है।
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह ने बताया कि असम के गुवाहाटी निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि आरोपियों ने खुद को एचीएफसी बैंक का अधिकारी बताकर उससे गोपनीय जानकारी हासिल कर 2016 में एईएफटी और आईएमपीएस के माध्यम से उसके बैंक खाते से 16 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लिए। मामला शुरुआत में असम के कामरूप जिले के पान बाजार थाने में दर्ज हुआ था। बाद में जांच के लिए इसे दिल्ली के द्वारका साउथ थाने को ट्रांसफर किया गया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम जिन बैंक खातों में पहुंची थी, उनमें से कई खाते द्वारका के फर्जी पतों और दस्तावेजों के आधार पर खोले गए थे।
नोटबंदी के कारण नकदी नहीं निकाल पाए, सोने के सिक्के खरीदे : जांच में यह भी पता चला कि नोटबंदी के दौरान आरोपी और उसके साथियों के लिए बैंक खातों से नकदी निकालना मुश्किल हो गया था। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग नामों से तैयार फर्जी आईडी का इस्तेमाल कर दिल्ली की विभिन्न ज्वेलरी दुकानों से डेबिट और क्रेडिट कार्ड के जरिए सोने के सिक्के खरीदे। बाद में इन सोने के सिक्कों को आपस में बांट लिया। 2019 में अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल की गई, लेकिन अदालत ने मामले की आगे जांच के निर्देश दिए। बैंक खातों की जांच में हवलदार प्रवीण यादव को पता चला कि एक आरोपी सुनील गुप्ता उत्तम नगर में प्रॉपर्टी डीलर के रूप में काम कर रहा है।