गोपाल राय ने बताया कि ग्रीन एप लॉच करने से पहले सेंट्रल वॉर रूम और सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए ट्रेनिंग का कार्य किया जा रहा है। मंगलवार दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नरेला के हिरंकी गांव में बॉयो डीकंपोजर तकनीक से तैयार घोल के छिड़काव का शुभारंभ करेंगे।
धूल के लिए 14 टीमें कर रही काम
निर्माण स्थलों पर निगरानी के लिए डीपीसीसी की 14 टीमें काम कर रही हैं। गोपाल राय ने बताया कि कुछ साईटों की शिकायत विभाग को मिली थी, जो मानको को पूरा किए बिना निर्माण कार्य कर रही थीं। उन साईटों का मैंने दौरा किया। खासकर के उन साईटों का जो 20 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा की हैं। पहले हमने फिक्की सभागार में चल रहे ध्वस्तिकरण कार्य का जायजा लिया और वहॉं अनियमितताएं पाए जाने पर 20 लाख रूपए का जुर्माना लगाया गया। विभाग 20 हजार वर्गमीटर से ऊपर 39 साईटों को चिंहित किया, जिसमें से 33 साईटों पर एंटी स्मॉग गन लगाए गए हैं।
धूल नियंत्रण के प्रमुख दिशा-निर्देश
. निर्माण/ध्वस्तीकरण के समय उसकी ऊंचाई से तीन गुना (अधिकतम 10 मीटर) ऊपर तक टीन का कवर लगाना होगा।
. निर्माण एवं ध्वस्त स्थल पर ग्रीन नेट/तिरपाल लगाना होगा।
. निर्माण/ध्वस्त स्थल पर पानी के छिड़काव की उचित व्यवस्था एवं धूल को दबाने के लिए पानी का लगातार छिड़काव। 20 हजार वर्गमीटर से ऊपर वाली जगह के लिए एंटी स्मॉग गन लगाना जरूरी है।
. निर्माण/ध्वस्त स्थल पर अपशिष्ट पदार्थ पूरी तरह से ढंके होने चाहिए।
. कोई भी गाड़ी, जो निर्माण स्थल या घ्वस्तीकरण स्थल पर आ जा रही है, वह पूरी तरह से धुली होनी चाहिए और उस पर स्थित सामग्री ढंकी होनी चाहिए।
. मुंडका
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