फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सर्दी में दिल्लीवालों को दमघोंटू हवा से बचाने की कवायद शुरू, रडार पर दिल्ली के ये 13 हॉटस्पॉट

Tue, 13 Oct 2020 12:53 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
दिल्ली में प्रदूषण - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

सर्दी में दिल्लीवालों को दमघोंटू हवा से बचाने की कवायद दिल्ली सरकार ने शुरू कर दी है। प्रदूषण के लिहाज से 13 संवेदनशील स्थलों की माइक्रोलेवल पर निगरानी रखने के लिए एमसीडी के कमिश्नरों की तैनाती की गई है। बुधवार तक इनको संबंधित स्थलों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी है। इसके आधार पर सरकार एक्शन प्लान तैयार करेगी। इसके साथ ही दिल्ली सरकार का सख्त निर्देश है कि सरकारी व निजी एजेसियों पर ही नहीं, प्रदूषण रोधी इंतजाम न करने पर आम लोगों पर भी इस बार सरकार जुर्माना लगाएगी।

विज्ञापन


दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि निर्माण स्थल पर प्रदूषकों को रोकने के लिए तैयार दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन होगा। दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार की सभी एजेंसियों समेत दिल्ली के लोगों को इसी के तहत काम करना होगा। नियमों का पालन न करने पर सरकार जुर्माना लगाएगी।

गोपाल राय के मुताबिक, इसके साथ ही दिल्ली के 13 हॉटस्पॉट की माइक्रो लेवल पर निगरानी शुरू कर दी है। एमसीडी के 9 डिप्टी कमिश्नरों को दिल्ली में इन इलाकों का नोडल अधिकारी बनाया गया है। इन सभी को 14 अक्तूबर तक विस्तृत रिपोर्ट देनी है। इसक आधार पर सरकार एक्शन प्लान तैयार करेगी। इस बारे में सोमवार को दिल्ली सचिवालय में ऑनलाइन मीटिंग हुई। इस मीटिंग में पर्यावरण विभाग के अधिकारी व एमसीडी कमिश्नर उपस्थित रहे।
विज्ञापन

 

ग्रीन एप लांच करने से पहले चल रही तैयारी

गोपाल राय ने बताया कि ग्रीन एप लॉच करने से पहले सेंट्रल वॉर रूम और सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए ट्रेनिंग का कार्य किया जा रहा है। मंगलवार दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नरेला के हिरंकी गांव में बॉयो डीकंपोजर तकनीक से तैयार घोल के छिड़काव का शुभारंभ करेंगे।

धूल के लिए 14 टीमें कर रही काम
निर्माण स्थलों पर निगरानी के लिए डीपीसीसी की 14 टीमें काम कर रही हैं। गोपाल राय ने बताया कि कुछ साईटों की शिकायत विभाग को मिली थी, जो मानको को पूरा किए बिना निर्माण कार्य कर रही थीं। उन साईटों का मैंने दौरा किया। खासकर के उन साईटों का जो 20 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा की हैं। पहले हमने फिक्की सभागार में चल रहे ध्वस्तिकरण कार्य का जायजा लिया और वहॉं अनियमितताएं पाए जाने पर 20 लाख रूपए का जुर्माना लगाया गया। विभाग 20 हजार वर्गमीटर से ऊपर 39 साईटों को चिंहित किया, जिसमें से 33 साईटों पर एंटी स्मॉग गन लगाए गए हैं।

धूल नियंत्रण के प्रमुख दिशा-निर्देश
. निर्माण/ध्वस्तीकरण के समय उसकी ऊंचाई से तीन गुना (अधिकतम 10 मीटर) ऊपर तक टीन का कवर लगाना होगा।
. निर्माण एवं ध्वस्त स्थल पर ग्रीन नेट/तिरपाल लगाना होगा।
. निर्माण/ध्वस्त स्थल पर पानी के छिड़काव की उचित व्यवस्था एवं धूल को दबाने के लिए पानी का लगातार छिड़काव। 20 हजार वर्गमीटर से ऊपर वाली जगह के लिए एंटी स्मॉग गन लगाना जरूरी है।  
. निर्माण/ध्वस्त स्थल पर अपशिष्ट पदार्थ पूरी तरह से ढंके होने चाहिए।
. कोई भी गाड़ी, जो निर्माण स्थल या घ्वस्तीकरण स्थल पर आ जा रही है, वह पूरी तरह से धुली होनी चाहिए और उस पर स्थित सामग्री ढंकी होनी चाहिए।
विज्ञापन

प्रदूषण के लिहाज से दिल्ली के 13 हॉट स्पॉट

. मुंडका
. आशोक विहार
. बवाना
.  द्वारका
. नरेला        
. आनंदविहार
. रोहिणी        
. विवेक विहार
. वजीर पुर
. ओखला
. जहांगीरपुरी
. आर.के.पुरम
. पंजाबी बाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें