सेक्टर-94 में नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएमआरसी) और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के बड़े प्लॉट पर कमर्शियल हब बनाया जाएगा। कमर्शियल हब बनाने के लिए डेवलपर्स का सहारा लिया जाएगा। इसके लिए एनएमआरसी ने ऐसे डेवलपर्स से ईओआई (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) मांगा है।
सेक्टर-94 में एनएमआरसी और डीएमआरसी का संयुक्त 44151 वर्गमीटर में एक प्लॉट है। जहां 17660 वर्गमीटर में निर्माण की अनुमति है, जो कि कुल भूमि का करीब 40 फीसदी है। इसमें से 3090 वर्गमीटर में मजेंटा लाइन का ओखला बर्ड सैंच्युरी मेट्रो स्टेशन पहले से ही बना हुआ है। इसके बाद भी 17660 वर्गमीटर जमीन बची है।
मेट्रो इसी जमीन से राजस्व प्राप्त करना चाहता है इसलिए एनएमआरसी ने यह ऑफर दिया है। जानकारी के मुताबिक नोएडा मास्टर प्लान और नोएडा बिल्डिंग बायलॉज के मुताबिक इतनी जमीन पर कमर्शियल उपयोग की अनुमति है। इस जमीन को मेट्रो की ओर से डेवलपर्स को 30 और 90 साल के लीज पर देने की योजना है।
पांच मॉडलों पर होगा काम
जमीन के विकास की योजना के लिए पांच मॉडल पर काम किया जा रहा है। पहले मॉडल में जमीन को शॉर्ट टर्म पर लीज पर देकर राजस्व की प्राप्ति की जा सकती है। जो एजेंसी इसे लेगी वह खुद ही डेवलपमेंट करेगी। दूसरी योजना में स्पेशल पर्पस व्हीकल पर संयुक्त तौर पर विकास की योजना है। तीसरे में इस जमीन का फेज वाइज डेवलपमेंट किया जा सकता है। चौथा जमीन को लांग टर्म लीज पर भी दिया जा सकता है। वहीं पांचवीं योजना में डेवलपर्स से यह राय ली जाएगी कि वह यहां किस तरह से कमर्शियल हब बना सकता है।
तीन प्लॉट में बांटकर बनेगी कार्ययोजना
विकास करने के लिए यहां के प्लॉट को तीन टुकड़ों में बांटा गया है। पहला टुकड़ा 13657.8 वर्गमीटर का होगा और यहां 14 फ्लोर बनाए जा सकते हैं। वहीं दूसरा टुकड़ा 916 वर्गमीटर का है और यहां एक फ्लोर की इमारत बनाई जा सकती है। वहीं तीसरे टुकड़े के लिए 25 वर्गमीटर जमीन है, जहां एक फ्लोर बन पाएगा।
इस तरह का हो सकता है निर्माण
- मॉल
- आईटी पार्क
- दुकानें
- शॉपिंग कांप्लेक्स
- होटल
एनएमआरसी ने सेक्टर-94 के प्लॉट के कमर्शियल हब के तौर विकसित करने के लिए डेवलपर्स से ईओआई मांगा है। उनकी बातचीत सुनने के बाद आगे की योजना बनाई जाएगी। वहीं, डीएमआरसी के सामने भी यह प्रपोजल रखा जाएगा ताकि सहमति मिल सके।
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मनोज वाजपेयी, जीएम टेक्निकल, एनएमआरसी