सपा में घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिलाध्यक्ष और उनके विरोधी खेमों ने आरपार की लड़ाई का एलान कर दिया है। सत्ताधारी साइकिल पर सवारी पाने को एक ओर जहां दिग्गज जूझ रहे हैं।
वहीं जिलाध्यक्ष विरोध को अपने मान-सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं। अब दोनों पक्षों ने सपा मुखिया से मिलकर विरोध का समाधान तलाशने की तैयारी शुरू की है। जिलाध्यक्ष विरोधियों पर कार्रवाई न होने की हालत में पद पर बनें रहने में असमर्थता व्यक्त कर रहे हैं।
सत्ताधारी दल में घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। सूबे में सपा का जनाधार मजबूत माना जा रहा है। ऐसे में टिकट पाने वालों की फेहरिस्त भी लंबी होती जा रही है। जिसको लगता है कि जिला संगठन से सहयोग नहीं मिल रहा है, वहीं तमतमाने लगता है।
जिलाध्यक्ष के पुत्र के साथ पज्ञर्टी कार्यालसय पर पिछले दिनों हुई धक्का-मुक्की और लोनी के विरोधियों की नारेबाजी इसी का नतीजा हैं। मसूरी में बलात्कार के आरोपियों को थाने से छुड़ाने और फिर रुपये लेकर पद बांटने के आरोप पार्टी केलोग ही लगाते रहे हैं। दोनों पक्ष एक दूसरे को पार्टी विरोधी ठहराने पर अड़े हैं।
जिलाध्यक्ष साजिद हुसैन अभी तक इसको चुनचाप झेलते रहे, लेकिन ईश्वर मावी के खुले एलान से उनका संयम जबाव दे गया है। अब उन्होंने विरोधियों पर कार्रवाई कराने की ठान ली है। जिलाध्यक्ष के करीबी सूत्रों की मानें तो अब लखनऊ जाकर नेताजी से मुलाकात करेंगे और उनके सामने हकीकत रखेंगे।
यदि विरोधियों पर कार्रवाई नहीं होती है तो वह जिलाध्यक्ष नहीं रहेंगे। कागजी शेर बना रहना साजिद हुसैन की फितरत में नहीं है। वहीं विरोधी पक्ष झुकने को तैयार नहीं है।
उन्होंने जिलाध्यक्ष को हटाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं से जनसंपर्क शुरू कर दिया है। 31 मार्च को पार्टी संगठन की बैठक होनी है। इसमें भी विरोधी और जिलाध्यक्ष पक्ष के बीच वार्ता कराने को एक वर्ग सक्रिय है।
फिजूल की बयानबाजी करने वाला जिलाध्यक्ष पार्टी को कमजोर कर रहा है। इसको किसी हालत में सहन नहीं किया जाएगा। पार्टी कार्यकर्ताओं से जनसंपर्क शुरू कर दिया गया है। 31 मार्च की बैठक में भी निर्णय लिया जाएगा। - ईश्वर मावी, सपा के लोनी से प्रत्याशी।