मकर संक्रांति पर एक दशक बाद देश के तटीय इलाकों को छोड़कर समूचे भारत में सर्द हवाएं चलीं। न्यूनतम तापमान में सामान्य से 5 से 7 डिग्री तक की कमी के चलते देश की दो तिहाई आबादी ने ठिठुरन महसूस की। लद्दाख के द्रास में तापमान माइनस 28.2 डिग्री दर्ज किया गया। समूचे उत्तर पश्चिमी भारत में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री से नीचे गया।
स्काई मेट एजेंसी का कहना है कि अभी अगले दो से तीन दिन तक तापमान में और भी गिरावट आ सकती है और गलन व ठिठुरन बढ़ेगी। उत्तरी व पश्चिमी-उत्तरी हवाएं पहाड़ों से बर्फीली हवाएं लेकर मैदान की ओर आ रही हैं, जिसका असर समूचे उत्तर के मैदानों, पूर्वी व मध्य भारत तक देखा जा रहा है। आसमान साफ रहने के चलते सुबह के तापमान में काफी गिरावट आई है जो अगले दो से तीन दिन तक जारी रहेगी। साथ ही यह इस बार की सर्दी के मौसम का पीक भी होगा। आने वाले दिनों में इस स्तर की सर्दी नहीं पड़ेगी।
गौरतलब है कि दिल्ली और एनसीआर में घने कोहरे की वजह से परिवहन सेवाओं पर भी असर देखने को मिला। दिल्ली से जाने वाली ट्रेनें हों या यहां से उड़ान भरने वाली फ्लाइट सभी देरी से चलीं। 80 से ज्यादा फ्लाइट देरी से उड़ सकी और 50 फ्लाइट देरी से दिल्ली आईं। दो दर्जन से ज्यादा ट्रेनों के परिचालन में कोहरे के कारण देरी हुई।