उत्तर भारत के पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी की वजह से दिल्ली में ठंड बढ़ गई है। यही वजह है कि अब सुबह और शाम को ठिठुरन का अधिक अहसास हो रहा है। न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम बना हुआ है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के असर से बुधवार से तापमान में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को राजधानी का न्यूनतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री कम 6.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, अधिकतम तापमान सामान्य से 1 डिग्री सेल्सियस कम 25.3 डिग्री सेल्सियस रहा। एक दिन पहले भी न्यूनतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस कम 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। पिछले 24 घंटे में हवा में आर्र्दता का अधिकतम स्तर 94 फीसदी और न्यूनतम 44 फीसदी दर्ज किया गया। मंगलवार को दिन भर सूरज की बादलों के साथ लुकाछिपी चलती रही। इस वजह से दिन में भी लोगों को सर्दी का अहसास हुआ। वहीं, शाम के समय ठिठुरन और बढ़ गई।
स्काईमेट वेदर के प्रमुख वैज्ञानिक महेश पालावत के अनुसार, इन दोनों हवा का रुख उत्तर-पश्चिम की बजाय पूर्व दिशा की ओर हो गया है। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो गया है। इससे पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी का सिलसिला चलेगा। इस वजह से आगामी 2 दिन के भीतर न्यूनतम और अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की जा सकती है। हालांकि, 2 दिन बाद फिर से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
दिल्ली के अन्य इलाकों की बात करें तो लोदी रोड में न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस और आया नगर में सबसे कम 6.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मुंगेशपुर में 7.1 डिग्री सेल्सियस और पालम में 9.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। लगातार पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी की वजह से दिल्ली में इस समय नवंबर में ही दिसंबर की सर्दी का अहसास हो रहा है। यही वजह है कि पिछले दिनों दिल्ली में सर्दी का 17 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। इससे पहले वर्ष 2003 में 29 नवंबर को न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।