फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीयू: 100वें दीक्षांत समारोह में कॉफी टेबल बुक होगी आकर्षण, कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे उपराष्ट्रपति

Thu, 25 Jan 2024 05:09 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

100वें साल का डीयू का दीक्षांत समारोह बदला-बदला दिखेगा। कॉफी टेबल बुक व भारतीय परिधान के साथ समारोह में दी जाने वाली डिग्रियों पर भी काम किया गया है। दो लाख से ज्यादा छात्रों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। इसमें छात्रों के फोटो और उनकी मां का नाम भी दिया जा रहा है।
विज्ञापन
दिल्ली विश्वविद्यालय - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

डीयू के दीक्षांत समारोह में इस बार कॉफी टेबल बुक आकर्षण का केंद्र बनेगी। इसमें विश्वविद्यालय के 100 साल के इतिहास, संस्कृति, अकादमिक उपलब्धियों, पूर्व छात्रों के अहम कामों के साथ कैंपस लाइफ को भी जीवंत किया गया है। खूबसूरत तस्वीरें व कहानियां इसका सहारा बनी हैं।  

विज्ञापन


24 फरवरी को आयोजित होने वाले समारोह में उपराष्ट्रपति कॉफी टेबल बुक का अनावरण करेंगे। दूसरी तरफ दीक्षांत समारोह के लिए ड्रेस कोड भी है। पीएचडी छात्र लाल रंग, पीजी के छात्र फिरोजी और यूजी के छात्र पीले रंग का अंगवस्त्र पहनेंगे। जबकि वीसी समेत डीयू स्टॉफ का अंग वस्त्र बैंगनी रंग का होगा।

100वें साल का डीयू का दीक्षांत समारोह बदला-बदला दिखेगा। कॉफी टेबल बुक व भारतीय परिधान के साथ समारोह में दी जाने वाली डिग्रियों पर भी काम किया गया है। दो लाख से ज्यादा छात्रों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। इसमें छात्रों के फोटो और उनकी मां का नाम भी दिया जा रहा है। पहले केवल पिता का नाम डिग्री में होता था। डिग्री पूरी तरह से वाटरप्रूफ भी होगी। इस पर गर्मी, सर्दी और बारिश का कोई असर नहीं पड़ेगा। इस डिग्री को कोई भी कॉपी नहीं कर पाएगा। डीयू के ओएसडी परीक्षा प्रो. अजय अरोड़ा ने बताया कि डिग्री में बार कोड है। यदि कोई इसे कॉपी करने की कोशिश करेगा तो दूसरी प्रति पर कॉपी लिखा हुआ नजर आएगा। डिग्री में माइक्रो प्रिंटिंग सिक्योरिटी फीचर भी है।
विज्ञापन


इससे इसका प्रतिरूप उसी तरह तैयार नहीं होगा। इसमें लगे रासायनिक प्रतिरोधकों के कारण यह कागज फटेगा भी नहीं। यह 200 डिग्री सेल्सियस के तापमान में भी नष्ट नहीं होगा। दूसरी तरफ कॉफी टेबल बुक इस बार आकर्षण का केंद्र रहेगी। तस्वीरों के साथ इसमें डीयू का सौ साल का इतिहास दर्ज होगा। इस बीच डीयू ने जो भी कीर्तिमान स्थापित किए हैं, उनको इसमें तवज्जो दी गई है। यहां तक कि देश-दुनिया में विश्वविद्यालय का नाम रोशन करने वाले पूर्व छात्रों पर झलकियां भी दी गई हैं।

गाउन की विदाई भारतीय परिधान का चलन
डीयू के ओएसडी परीक्षा प्रो. अजय अरोड़ा ने बताया कि 100वें साल का समारोह की खास बात यह है कि इसमें गाउन की विदाई हो रही है। इसकी जगह अंगवस्त्र लेगा। पिछले साल तक समारोह में गाउन पहनने की प्रथा रही है। डीयू के वीसी, पीवीसी, डीन कॉलेज, निदेशक साउथ कैंपस, रजिस्ट्रार, चांसलर, प्रो चांसलर, मुख्य अतिथि, सम्मानित अतिथि और डीन परीक्षा बैंगनी रंग का अंग वस्त्र यानि गमछा गले में डाले रहेंगे। इसमें एक तरफ डीयू का लोगो लगा होगा और दूसरी तरफ हिंदी में दिल्ली विश्वविद्यालय लिखा होगा। इसके किनारों पर केसरिया और सुनहरी रंग की धारियां होंगी। ऐसी ही धारियां अंग वस्त्र के बीच में एक तरफ बनी होंगी। दूसरी ओर डीन, विभाग अध्यक्ष और प्रिसिंपल समेत अन्य अधिकारी महरून रंग का अंग वस्त्र पहनेंगे। साथ ही पीएचडी के छात्र लाल रंग का अंग वस्त्र, पीजी के छात्र फिरोजा रंग और यूजी के छात्र पीले रंग के अंग वस्त्र पहनेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें