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CJP Protest: मंच की लोकेशन अटपटी, वक्ता-श्रोता में सीधा संवाद नहीं, CP तक फैलाव; भीड़ प्रबंधन की खामियां

Sat, 25 Jul 2026 08:11 AM IST
Vijay Singh Pundir संतोष कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जंतर मंतर के साथ टॉलस्टाय मार्ग, संसद मार्ग, जनपथ के साथ कनॉट प्लेस तक प्रदर्शनकारियों की भीड़ है। नेतृत्व की तरफ से सीधा-सपाट और एक सा संदेश न मिलने से प्रदर्शनकारी अपने हिसाब से इन सड़कों पर दिन भर प्रदर्शन, नारेबाजी करते दिखते हैं। कई बार यह पुलिस के साथ कहासुनी व झड़प की वजह भी बनी है। 
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CJP Protest - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की अगुवाई में जंतर मंतर पर चल रहे आंदोलन में मंच की लोकेशन अटपटी होने से भीड़ प्रबंधन लचर दिख रहा है। जंतर मंतर रोड के छोटे से हिस्से में प्रदर्शन की इजाजत मिलने और मंच की फेसिंग कनॉट प्लेस की तरफ होने से प्रदर्शनकारी इससे जुड़ी सभी सड़कों पर फैले हुए हैं। जंतर मंतर के साथ टॉलस्टाय मार्ग, संसद मार्ग, जनपथ के साथ कनॉट प्लेस तक प्रदर्शनकारियों की भीड़ है। इससे आंदोलन का मुख्य मंच अपने साथ सभी लोगों को बांधने में नाकाम साबित हो रहा है। 

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नेतृत्व की तरफ से सीधा-सपाट और एक सा संदेश न मिलने से प्रदर्शनकारी अपने हिसाब से इन सड़कों पर दिन भर प्रदर्शन, नारेबाजी करते दिखते हैं। कई बार यह पुलिस के साथ कहासुनी व झड़प की वजह भी बनी है। यह सड़कें भी सोमवार के संसद मार्च से बंद पड़ी हैं। हैवी ट्रैफिक के बीच लोगों को दूसरे रास्तों से सफर करना पड़ रहा है।

असल में सीजेपी से पहले हुए आंदोलनों में टॉलस्टाय मार्ग से अशोक रोड तक जंतर मंतर रोड पर भीड़ समा जाती थी। फिर चाहे वह अन्ना सरीखा बड़ा आंदोलन ही रहा हो। आम आदमी पार्टी की स्थापना और उसके शुरुआती आंदोलनों के वक्त भी बड़ी संख्या में मौके पर लोगों के पहुंचने के बावजूद भी फैलाव इस कदर नहीं हुआ था। इसकी बड़ी वजह मंच की लोकेशन थी।

इन आंदोलनों में मंच या तो जनता दल (यू) दफ्तर के बगल होता था या टॉलस्टाय मार्ग व जंतर मंतर रोड की क्रासिंग पर। वहीं, जंतर मंतर रोड के करीब डेढ़ किमी लंबे हिस्से में दर्शकों के बैठने का इंतजाम होता था। जगह-जगह लगे माइक व एलईडी स्क्रीन से दूर बैठे लोग भी मंच से जुड़े होते थे।

दूसरी तरफ सीजेपी के आंदोलन में जंतर मंतर के छोटे से हिस्से में प्रदर्शन की इजाजत है। इससे मंच के सामने की जगह अमूमन भरी रहती है। वहीं, मंच की फेसिंग कनॉट प्लेस की तरफ होने से प्रदर्शनकारी वाया संसद मार्ग व जनपथ टॉलस्टाय मार्ग से प्रदर्शन स्थल पर जाने की कोशिश करते हैं। लेकिन मंच के सामने की जगह पूरी तरह भरी होने से वहां लोग खड़े भी नहीं हो पा रहे और उनको वापस लौटना पड़ता है। फिर, तीनों सड़कों पर फैलकर लोग नारेबाजी करते रहते हैं। 

इस बीच पुलिस की टोका-टाकी कई बार उनको नागवार गुजरती है। इसमें किसी तरफ से भड़काऊ बयान आने से हालात हाथ से निकल जाते हैं।
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भीड़ प्रबंधन में इस तरह की खामियां
  • मंच के सामने की जगह बेहद कम 
  • बमुश्किल एक हजार लोगों को यहां एक साथ जुट पाना ही हो रहा संभव 
  • कनॉट प्लेस तक की आवाजाही हो रही प्रभावित, संसद मार्ग व जनपथ पर इन दिनों नहीं चल रहे वाहन। 
  • जबकि अन्ना आंदोलन के साथ सभी बड़े आंदोलनों में जंतर मंतर ही ही होता था बाधित, बाकी सड़कों पर आवाजाही रहती थी सामान्य 
  • आंदोलन में बड़ी संख्या में पहुंच रहे लोग, दिख रहा बड़े पैमाने पर फैलाव
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