दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने एईएस छत्तीसगढ़ एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड और इसके संस्थापक निदेशक संजीव कुमार अग्रवाल को 2007 में छत्तीसगढ़ में सयांग कोयला ब्लॉक के आवंटन से संबंधित धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोपों से बरी कर दिया।
राउज एवेन्यू जिला न्यायालय के विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के मामले को खारिज कर दिया। इसमें यह आरोप लगाया गया था कि कंपनी ने यह कहकर गलतबयानी की है कि जब उसने आवेदन किया था तो वह एईएस कॉर्पोरेशन, यूएसए की 100 प्रतिशत कोयला ब्लॉक सहायक कंपनी थी।
अदालत ने कहा कि आरोपियों ने अपने पक्ष में कोयला ब्लॉक आवंटन के लिए कोयला मंत्रालय को धोखा नहीं दिया था क्योंकि जब एईएस छत्तीसगढ़ एनर्जी ने आवेदन में अपनी सहायक प्रकृति का उल्लेख किया था तो कोई गलतबयानी नहीं की गई थी। विशेष न्यायाधीश ने कहा इसलिए दोनों आरोपियों को उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों से बरी किया जाता है।