नोएडा में भी सीएनजी की बढ़ी दरें, ऑटो और बस से सफर करने वालों को जोरदार झटका देने वाली हैं। दरें बढ़ने के बाद किराये को लेकर उथल-पुथल का दौर शुरू हो गया है।
ऑटो यूनियन ने किराये में एक से तीन रुपये तक की बढ़ोतरी के संकेत दे दिए हैं, जबकि सिटी बसों के संचालन से नुकसान झेल रहे रोडवेज प्रबंधन ने किराया बढ़ाने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजने का निर्णय लिया है।
ऑटो का किराया बढ़ना तय
दिल्ली की तुलना में नोएडा की सड़कों पर ऑटो संचालन कहीं ज्यादा महंगा है। दिल्ली में रोड टैक्स के लिए सालाना 305 रुपये वसूले जाते हैं, जबकि नोएडा में 1800 रुपये टैक्स देना पड़ता है। इसके अलावा दिल्ली की तुलना में यहां सीएनजी करीब पांच रुपये महंगी है।
बीते एक साल में सीएनजी के दाम कई बार बढ़े, लेकिन ऑटो का किराया एक ही बार बढ़ा। ऐसे में अब ऑटो चालक यूनियन किराया बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार कर परिवहन विभाग को सौंपने की तैयारी कर रही है। शनिवार को ऑटो चालकों की बैठक के समय किराये में संशोधन का प्रस्ताव तैयार होगा।
सवा रुपये बढ़ा रोडवेज का खर्च
सिटी बस सेवा से नुकसान झेल रहे राज्य सड़क परिवहन निगम के जख्मों पर सीएनजी की बढ़ी दरों ने नमक छिड़कने का काम किया है। इसकी भरपाई के लिए किराया बढ़ोतरी के अलावा कोई दूसरा विकल्प रोडवेज प्रबंधन के पास नहीं है।
प्रबंधन के मुताबिक सीएनजी की दरें बढ़ने से रोडवेज की बसों का खर्च सवा रुपये प्रति किलोमीटर बढ़ गया है। बाकायदा, नुकसान का आकलन करने के लिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा डिपो को निर्देशित किया गया है। किराये में बढ़ोतरी का प्रस्ताव नुकसान का आकलन होने के बाद ही तैयार किया जाएगा।