बिजली कटौती पर विपक्षी दलों की ओर से हो रही राजनीति की वजह से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बिजली वितरण कंपनियों और ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की।
बैठक में डिस्कॉम्स को स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की गई कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो लाइसेंस रद्द करने का विकल्प भी मौजूद है। सरकार ने सिस्टम को सुधारने के लिए एक सप्ताह की मोहलत दी है।
बैठक के बाद ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने डिस्कॉम्स के अधिकारियों से कहा है कि बिजली कंपनी की गलती का खामियाजा आम उपभोक्ता क्यों भुगते।