तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए संजीवनी
स्वास्थ्य सेवाओं को सिर्फ इलाज तक सीमित न रखते हुए सरकार ने एकीकृत आयुष स्ट्रेस मैनेजमेंट प्रोग्राम भी शुरू किया है। यह ओपीडी आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बिया कॉलेज, नेहरू होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, बीआर सूर कॉलेज, ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद संस्थान और इहबास में चलाई जाएगी। यहां योग, लाइफस्टाइल काउंसलिंग, डिजिटल डिटॉक्स और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के जरिए तनाव कम करने पर काम होगा। सरकार का कहना है कि आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव एक बड़ी समस्या बन चुका है, जिसे समय रहते संभालना जरूरी है।
इहबास में नए ओपीडी भवन की रखी आधारशिला
इहबास को उत्तर भारत में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज और परामर्श के लिए पहुंचते हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए नए और आधुनिक ओपीडी भवन की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
मुख्यमंत्री ने नए ओपीडी ब्लॉक की आधारशिला रखते हुए कहा कि इसके बनने से मरीजों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी। पंजीकरण, परामर्श, जांच और उपचार की पूरी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी। इससे डॉक्टरों और स्टाफ को भी काम करने में सहूलियत मिलेगी और ज्यादा मरीजों को कम समय में सेवा मिल सकेगी। सरकार का कहना है कि नए भवन के तैयार होने के बाद इहबास की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिलेगी। इससे दिल्ली ही नहीं, आसपास के एनसीआर इलाकों के लोगों को भी फायदा होगा।
दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और आधुनिक बनाने के लिए सरकार मिशन मोड में काम कर रही है। हमारा लक्ष्य है कि हर नागरिक को समय पर और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले। जीटीबी और इहबास में शुरू की गई ये सुविधाएं यमुनापार ही नहीं, पूरे एनसीआर के लिए महत्वपूर्ण हैं।
- रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री, दिल्ली
दिल्ली के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ये सेवाएं महत्वपूर्ण हैं। इहबास के नए ओपीडी भवन का शिलान्यास किया है। हम चाहते हैं कि दिल्ली का स्वास्थ्य तंत्र देश के लिए मॉडल बने। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों का समर्पण ही इस व्यवस्था की ताकत है और सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है।
- डॉ. पंकज कुमार सिंह, स्वास्थ्य मंत्री, दिल्ली