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Delhi: दिल्ली के मास्टर प्लान 2041 पर सीएम ने बनाया भविष्य का रोडमैप, अधिकारियों और मंत्रियों के साथ की बैठक

Tue, 15 Jul 2025 06:06 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

सोमवार को बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा है कि यह सिर्फ कागजी योजना नहीं, बल्कि दिल्ली के भविष्य का रोडमैप है। इसे दिल्ली की जनसंख्या, बुनियादी ढांचे, पर्यावरण और रोजगार को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
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सीएम रेखा गुप्ता - फोटो : Youtube/@Rekha-Gupta-Official
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विस्तार
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दिल्ली सरकार ने सोमवार को सचिवालय में मास्टर प्लान 2041 के प्रावधानों की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कैबिनेट मंत्रियों, डीडीए और एमसीडी के अधिकारियों के साथ इसपर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्लान दिल्ली के बुनियादी ढांचे, पर्यावरण और रोजगार को संतुलित करेगा। इस पर आगे भी बैठकें की जाएंगी।

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डीडीए ने अप्रैल 2023 में मास्टर प्लान 2041 का मसौदा तैयार कर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेज दिया था। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने अभी तक इसे स्वीकृति नहीं दी है। हालांकि, दिल्ली के उपराज्यपाल और डीडीए के अध्यक्ष वीके सक्सेना ने इस मसौदे को मंजूरी जरूर प्रदान कर दी है। फिलहाल दिल्ली के नीति विशेषज्ञों की मानें तो केंद्र सरकार के इशारे पर ही दिल्ली सरकार मास्टर प्लान के विभिन्न पहुलुओं पर चर्चा कर रही है। लेकिन इसके लागू होने की स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं हुई है। न तो डीडीए और न दिल्ली सरकार ने मास्टर प्लान को लेकर कोई आधिकारिक व स्पष्ट रुख अपनाया है।  

मास्टर प्लान से सेवा व रोजगार क्षेत्र को मिलेगा विस्तार

  • राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के लिए अगले 20 वर्षों (2021-2041) के लिए एक व्यापक शहरी नियोजन दस्तावेज है, जिसे डीडीए ने तैयार किया है।
  • जनसंख्या वृद्धि, पर्यावरण संरक्षण, बुनियादी ढांचे का विकास और आर्थिक गतिविधियों का संतुलन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को प्लान में ध्यान रखा गया है।
  • 48 गांवों का शहरीकरण, लाल डोरा संपत्तियों की मुफ्त रजिस्ट्री और यमुना कायाकल्प जैसे कदम दिल्ली मास्टर प्लान 2041 के तहत उठाए जाने हैं।  
  • ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाएं जैसे पक्की सड़कें, जल निकासी व्यवस्था, विश्वसनीय जलापूर्ति, स्ट्रीट लाइटिंग, स्कूल, और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
  • पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया है, यमुना नदी के डूब क्षेत्र में अतिक्रमण को रोकने और नदी को पुनर्जीवित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
  • यमुना बाढ़ के बाद इस पहलू पर पीएमओ ने गहन अध्ययन किया है। बाढ़ और जल निकासी समस्याओं को हल करने के लिए बेहतर ड्रेनेज का भी प्रावधान है।
  • कनॉट प्लेस जैसे वाणिज्यिक केंद्रों को पुनर्जीवित और 24 घंटे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है।
  • कंझावला, रानीखेड़ा, और बापरोला में आईटी, एआई, बायोटेक और रिसर्च हब जैसे औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की तैयारी है।
  • दिल्ली के 125 सेक्टरों को आवासीय, वाणिज्यिक और खुदरा स्थानों के मिश्रण के साथ आत्मनिर्भर इकाइयों के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • निजी स्वामित्व वाली भूमि के नियोजित विकास के लिए लैंड पूलिंग नीति को लागू किया जाएगा, जिसके लिए एसओपी 4 जुलाई 2018 को अधिसूचित की गई थी।
  • 125 गज के मकानों के लिए 5 मंजिल की इमारत बनाने की अनुमति पर विचार किया जा रहा है।
  • पुरानी दिल्ली से थोक कारोबार को बाहर ले जाने और ऐतिहासिक स्थलों के मूल स्वरूप को पुनर्जीवित करने की योजना है।
  • नरेला सब सिटी के लिए विकास योजना और क्षेत्र लेआउट योजना तैयार करने के लिए परामर्शदाताओं की नियुक्ति का प्रस्ताव है।

मंत्रियों ने कहा - विकास की दिशा तय करेगा

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सोमवार को बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा है कि यह सिर्फ कागजी योजना नहीं, बल्कि दिल्ली के भविष्य का रोडमैप है। इसे दिल्ली की जनसंख्या, बुनियादी ढांचे, पर्यावरण और रोजगार को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कैबिनेट मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने भी एक्स पर लिखा है कि यह मास्टर प्लान दिल्ली के सर्वांगीण विकास की दिशा तय करेगा। बैठक में योजना के हर पहलू पर गहन विचार-विमर्श हुआ। दिल्ली सरकार इस प्लान के जरिए शहर को समृद्ध और टिकाऊ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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