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Delhi Assembly: सीएम रेखा ने विधानसभा में पेश की कैग रिपोर्ट, 2000 करोड़ का घाटा; लाइसेंस देने में अनियमितता

Tue, 25 Feb 2025 12:47 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली विधानसभा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कैग रिपोर्ट पेश की है। पहली कैग रिपोर्ट  शराब नीति से जुड़ी है। कैग रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली सरकार को करीब 2000 हजार करोड़ का घाटा लगा। नई शराब नीति में पहले के एक व्यक्ति को एक लाइसेंस मिलता था। लेकिन नई नीति में एक शख्स को दो दर्जन से ज्यादा लाइसेंस ले सकता था।
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विधानसभा में सीएम रेखा गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली विधानसभा सत्र का आज दूसरा दिन है। सबसे पहले  उपराज्यपाल वीके सक्सेना के अभिभाषण के साथ ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई। इसके बाद दिल्ली सरकार ने कैग रिपोर्ट को पेश किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सदन में शराब नीति से जुड़ी कैग रिपोर्ट को विधानसभा में रखा। 14 कैग रिपोर्ट में से आज पहली कैग रिपोर्ट रखी गई है।
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नई शराब नीति से सरकार को हुआ करोड़ों का घाटा
नई शराब नीति से दिल्ली सरकार को करीब 2000 हजार करोड़ का घाटा लगा। नई शराब नीति में पहले के एक व्यक्ति को एक लाइसेंस मिलता था। लेकिन नई नीति में एक शख्स को दो दर्जन से ज्यादा लाइसेंस ले सकता था। पहले दिल्ली में 60 फीसदी शराब की बिक्री 4 सरकारी कॉर्पोरेशन से होती थी। लेकिन नई शराब नीति में कोई भी निजी कंपनी रिटेल लाइसेंस ले सकती है। शराब बिक्री का कमीशन 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किया गया।

नई शराब नीति में पुरानी सरकार ने किए कई उल्लंघन
कैग रिपोर्ट में बताया गया है कि थोक का लाइसेंस शराब वितरक और शराब निर्माता कंपनियों को भी दे दिया गया, जो कि उल्लंघन था। नीति में कोई भी निजी कंपनी रिटेल लाइसेंस ले सकती है। लाइसेंस देने से पहले आर्थिक या आपराधिक कोई जांच नहीं की गई। लिक्वर जाइन के लिए 100 करोड़ के निवेश की जरूरत होती थी। लेकिन नई पॉलिसी में इसे खत्म कर दिया गया। कैग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि शराब लाइसेंस देने में राजनीतिक दखल और भाई भतीजा वाद हुआ।
 

भारत के नियन्त्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) की रिपोर्ट के अनुसार, 2021-2022 की आबकारी नीति से 2000 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हुआ। अब समाप्त हो चुकी शराब नीति के निर्माण में बदलाव सुझाने के लिए गठित एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया ने नजरअंदाज किया था। रिपोर्ट में 941.53 करोड़ रुपये के राजस्व के नुकसान का दावा है। गैर अनुरूप नगरपालिका वार्ड में शराब की दुकानें खोलने के लिए समय पर अनुमति नहीं ली गई। लाइसेंस शुल्क के रूप में लगभग 890.15 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। लाइसेंसधारियों को अनियमित अनुदान छूट के कारण 144 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। मामले में जांच एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद अरविंद केजरीवाल, सिसोदिया और संजय सिंह सहित आप के शीर्ष नेताओं ने महीनों जेल में बिताए। लाइसेंस शुल्क का भुगतान करने से छूट दे दी। 114.50 करोड़ रुपये की लाइसेंस फीस में छूट मिली। इस प्रस्ताव को विभाग के प्रभारी मंत्री ने खारिज कर दिया था। 28 दिसंबर 2021 से 27 जनवरी 2022 की अवधि के दौरान बंद दुकानों के लिए प्रत्येक क्षेत्रीय लाइसेंसधारी को छूट देने को मंजूरी दे दी गई थी।

कैग रिपोर्ट पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की टिप्पणी
दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कैग रिपोर्ट को लेकर कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने कैग रिपोर्ट को लेकर बेहद गंभीर टिप्पणी की थी। कैग रिपोर्ट को पेश करने में लापरवाही बरती गई थी।कैग रिपोर्ट को पिछली सरकार ने जानबूझ कर रोके रखा था। उपराज्यपाल के पास समय रहते रिपोर्ट को नहीं  भेजा गया था। आज एक रिपोर्ट पेश की गई है। रिपोर्ट कई हैं। मैं चाहता हूं कि हर विभाग की कैग रिपोर्ट को पेश किया जाए। 
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विधानसभा में चर्चा के दौरान क्या बोले अरविंदर सिंह लवली
विधानसभा में बोलते हुए भाजपा विधायक अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि मैं लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी का भी हिस्सा रहा हूं। मैं दिल्ली सरकार का भी मंत्री रहा हूं। भगत सिंह ने क्या यह कहा था कि शराब घोटाले करके जेल जाओ। स्कूलों में घोटाले करो, हेल्थ में घोटाले करो। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार का मुख्यमंत्री ऐसे विभाग का मंत्री बना दिया, जो है ही नहीं।

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