सरकार की चेतावनी के बाद भी सर्ज प्राइसिंग (मांग पर किराया बढ़ाना) करने पर दिल्ली परिवहन विभाग ने उबर के खिलाफ कड़ा रूख अपनाया है। परिवहन विभाग ने मंगलवार को अमेरिका में रह रहे उबर मालिक ट्रैविस कैलेनिक, कंपनी के इंडिया प्रमुख अमित जैन और महाप्रबंधक गगन भाटिया के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के सेक्शन 93/193 के तहत चालान किया है।
इस चालान में तीनों अधिकारियों को द्वारका कोर्ट में पेश होना पड़ेगा। परिवहन विभाग के मुताबिक उबर टेक्नालॉजी उबर मोबाइल ऐप के जरिए टैक्सी की सीट बुक करती है। जबकि मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के सेक्शन 93 के मुताबिक टैक्सी या किसी भी सार्वजनिक परिवहन में सीटें बुक करने के लिए उसे लाइसेंस लेना अनिवार्य है।
उबर के पास अपनी कोई टैक्सी नहीं है। वह बतौर एजेंट परमिटधारियों की टैक्सी में यात्रियों के लिए ऐप के जरिए सीट बुक करता है। उसे ऐसा करने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है। परिवहन विभाग के स्पेशल कमिश्नर के. के. दहिया के मुताबिक मोटर व्हीकल एक्ट में एजेंट लाइसेंस लेने का प्रावधान है। ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग के पास चालान का अधिकार है।
इसके तहत उसे 500 रुपये के चालान से लेकर छह माह तक की जेल की सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने इस बात की पुष्टि की उबर के शीर्ष अधिकारियों का चालान किया गया है।