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CM केजरीवाल ने खटखटाया उपराज्यपाल का दरवाजा

Tue, 04 Feb 2014 10:34 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
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राजधानी दिल्ली में बिजली कटौती और बिजली वितरण कंपनियों की तरफ से चल रहे प्रेशर गेम को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल नजीब जंग को चिट्ठी लिखी है।
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इसमें उन्होंने कहा है कि अगर कंपनियां वित्तीय स्थिति का हवाला देकर कटौती करती हैं तो किसी भी स्तर पर सरकार इनका प्रबंधन टेकओवर करने को तैयार है। जिस तरह की कटौती की जा रही है, वह किसी भी हालत में मंजूर नहीं है।

मंगलवार को लिखी गई चिट्ठी में केजरीवाल ने लिखा है कि बिजली वितरण कंपनियां पैसे नहीं होने का हवाला देकर दिल्ली को अंधेरे में धकेल रही हैं। वित्तीय स्थिति का आकलन करने का अधिकार डीईआरसी के पास है। समय-समय पर दरें बढ़ाकर उसे पूरा भी किया होगा।
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उन्होंने लिखा है कि 3 फरवरी को इस मामले में ऊर्जा सचिव ने डीईआरसी अध्यक्ष को पत्र लिखकर वैकल्पिक प्रावधान पर विचार करने की मांग रखी है।

मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि फंड की कथित कमी का हवाला देकर लंबी कटौती नहीं की जा सकती। उपराज्यपाल को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने लिखा है, ‘मैं इस गंभीर मसले को आपके ध्यान में इसलिए लाना चाहता हूं क्योंकि सरकार किसी भी समय हालात से निपटने के लिए किसी भी स्तर पर कदम उठा सकती है।’

गौरतलब है कि दिल्ली में जब से नई सरकार बनी है, तभी से बीएसईएस की यमुना पावर और राजधानी पावर के क्षेत्र में रखरखाव व मरम्मत कार्य का हवाला देकर जमकर बिजली कटौती की जा रही है। कई क्षेत्रों में 2 से 7 घंटे बिजली गुल हो रही है।

टाटा ने खंडपीठ के समक्ष अपील दायर की
राजधानी में बिजली सप्लाई करने वाली रिलायंस कंपनी के बाद अब टाटा पावर लिमिटेड ने भी उनके खातों का सीएजी से ऑडिट करने के फैसले को खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी है। न्यायमूर्ति बीडी अहमद और विभू बाखरु की खंडपीठ ने उन्हें अपील रजिस्ट्री में दायर करने का निर्देश देते हुए कहा कि याचिका पर जल्द सुनवाई करेंगे। याचिका में टाटा ने सिंगल जज के उस फैसले के खिलाफ अपील की है, जिसमें ऑडिट करने संबंधी सरकार के फैसले पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था।

डीईआरसी ने बीएसईएस से पूछा कैसे मिलेगी दिल्ली को बिजली
नई दिल्ली। बीएसईएस की बिजली कंपनी राजधानी और यमुना पावर लिमिटेड के लाइसेंस रद्द करने के दिल्ली सरकार के पत्र के बाद दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) ने बीएसईएस अधिकारियों के साथ बैठक की। डीईआरसी ने सरकार की सख्ती का जिक्र करते हुए बिजली कंपनियों से पूछा कि बताए इस स्थिति में में कैसे दिल्ली में बिजली आपूर्ति करेंगे। बीएसईएस अधिकारियों ने इस संबंध में डीईआरसी से दो-तीन दिन का समय मांगा है।

लाइसेंस रद्द करने को डिस्कॉम्स ने अवैध बताया
लाइसेंस रद्द करने के फैसले पर बिजली कंपनी का कहना है कि यह दिल्ली सरकार का मनमानापूर्ण और अवैध कदम है। सरकार ने इस फैसले से पहले बोर्ड की बैठक में चर्चा तक नहीं की और इस तरह का पत्र डीईआरसी को लिख दिया। इस पूरे मामले को स्वतंत्र रूप से डीईआरसी के सामने रखा जा रहा है। बीएसईएस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि सरकार के इस कदम से बिजली में सुधार के लिए काम कर रहे हजारों कर्मचारियों का मनोबल गिरेगा।
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