केजरीवाल ने बताया कि भारत उन 100 देशों में शामिल हैं जहां डेंगू, चिकनगुनिया का प्रकोप अधिक रहता है। राष्ट्रीय स्तर पर 2009 से 2017 के बीच डेंगू व चिकनगुनिया के मामलों में 300 फीसदी से ज्यादा बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं, 2017 में सबसे ज्यादा मौतें इसी बीमारी से हुई हैं। हालांकि बीते तीन सालों में दिल्ली में 80 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। 2015 में दिल्ली में डेंगू के चपेट में आने वालों की संख्या 15867 थी। 2018 में यह घटकर 2798 रह गई है। वहीं, इस बीच मौतों की संख्या 60 से घटकर चार हो गई। 2019 में मौत का अभी तक एक भी मामला सामने नहीं आया है। जबकि डेंगू के चपेट में आने वालों की संख्या 75 है। दिल्ली सरकार की कोशिश है कि इसे न्यूनतम किया जाए।
बजट का 14 फीसदी सेहत पर खर्च
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार बीते पांच सालों में बजट का 14 फीसदी स्वास्थ्य पर खर्च कर रही है। मोहल्ला क्लीनिक बनाए गए। फीवर क्लीनिक भी मामले बढ़ने पर काम करते हैं। वहीं, सरकारी व निजी अस्पतालों में इसके लिए उचित इंतजाम किए गए हैं। डेंगू की कंट्रोल सेल भी बनाई गई है। नतीजतन मामलों की संख्या सीमित करने में मदद मिली है।