दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कार को लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ा निशाना साधा है। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता मधुर वर्मा ने शनिवार को प्रेस वार्ता बुलाकर कहा कि कार में कोई सुरक्षा लॉक नहीं थे। कार की बाकायदा फोरेसिंक जांच कराई गई है और कार चुराने वाले के बारे में कुछ क्लू मिले हैं। कार सचिवालय से करीब 200 मीटर दूर पार्किंग एरिया के बाहर खड़ी थी।
दिल्ली पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि 12 अक्तूबर को दोपहर करीब एक बजे कार दिल्ली सचिवालय के गेट नंबर-छह के पास से चोरी हुई थी। दोपहर तीन बजे दिल्ली पुलिस को इसकी जानकारी दी गई थी।
पुलिस को लीड मिली थी कि चोर कार को नोएडा व गाजियाबाद लेकर गया है। दिल्ली पुलिस की टीमें मेरठ व मथुरा भी कार को तलाश करने गई थीं। अभी तक की जांच में कार को चुराने वाला कोई संगठित गिरोह सामने नहीं आया है।
अरविंद केजरीवाल
ऐसा लगता है कि कार को जॉय राइड के लिए किसी शरारती तत्व ने चुराया था। कार को ले जाते हुए कई जगह के सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं। ये कार डीएनडी से होते हुए मोहन नगर पहुंची थी।
आस-पास की थाना पुलिस को सूचना दे दी गई थी, कार को तलाश करने के लिए आसपास के सभी जिलों की पुलिस के कंट्रोल रूम को सूचना दे दी गई थी। कार का नंबर व रंग बता दिया गया था। इसके बाद जैसे ही कार मोहन नगर, गाजियाबाद में मिली, दिल्ली पुलिस को तुरंत मिल गई थी।
कार को सही तरीक से पार्क करने की सलाह
दिल्ली पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि मुख्यमंत्री की वैगन आर कार पार्किंग में नहीं खड़ी थी। उन्होंने लोगों को सलाह दी और अपील की है कि अपने वाहनों को पार्किंग एरिया में ही खड़ी करें।
arvind kejriwal
अमर उजाला ने पहले ही लिख दिया था
अमर उजाला ने शुक्रवार को ही लिख दिया था कि चोर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कार को यूपी ले गए हैं। शनिवार सुबह कार गाजियाबाद से मिल गई। अमर उजाला ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार के यूपी जाने के बारे में लिखा था।