दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की साइबर सेल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को धमकी भरे ई-मेल भेजने वाले आरोपी मोतीहारी (बिहार) निवासी विकास (21) को गिरफ्तार कर लिया है। ई-मेल में मुख्यमंत्री की बेटी के अपहरण की बात कही गई थी। आरोपी ने बेहतर तरीके से अपना इलाज कराने की मंशा से मोबाइल से ई-मेल भेजे थे। पुलिस ने आरोपी को यूपी के रायबरेली से गिरफ्तार कर मोबाइल भी जब्त कर लिया है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अधिकारिक मेल पर 9 जनवरी को तीन धमकी भरे ई-मेल मिले थे। पहले दो ई-मेल में कहा गया था कि उनकी बेटी का अपहरण हो सकता है। बचा सको तो बचा लो। हालांकि तीसरे ई-मेल में इस बात को फर्जी बताया था। जांच स्पेशल सेल की साइबर सेल को सौंपी गई थी। टीम ने गूगल की मदद से जांच शुरू की।
जांच में पता लगा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल के अधिकारिक मेल पर मोबाइल से धमकी भरे मेल भेज गए है। जांच के बाद पुलिस टीम ने विकास को रायबरेली, यूपी से पकड़ लिया। मामला अंज्ञेय धाराओं केतहत दर्ज किया गया था। अत: आरोपी को गिरफ्तार करने केलिए कोर्ट की अनुमति ली गई। कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद साइबर सेल ने विकास को मंगलवार शाम को गिरफ्तार कर लिया। विकास ने अपने जिस मोबाइल से धमकी भरे मेल भेजे थे वह मोबाइल बरामद कर लिया गया है।
विकास बिहार यूनिवर्सिटी से पत्राचार से बीएससी (द्वितीय वर्ष) कर रहा है। वह पुलप्रह्लादपुर, दिल्ली में अपनी बहन के घर रहकर एसएससी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। पहले ये बुराडी में रहता था, मगर डेढ़ महीने से पुलप्रह्लाद पुर में रहने वाली बहन के घर रह रहा था
धमकी भरे मेल भेजने के बाद वह रायबरेली चला गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार विकास के दिमाग में कुछ परेशानी थी। उसके दिमाग में झनझनाहट होती थी। उसने सफदरजंग अस्पताल में इलाज कराया था।
अस्पताल में उसके सिटी स्कैन समेत सारे टेस्ट हुए थे और इलाज ठीक से हो गया था। डॉक्टरों ने उसे फिजिकल कसरत व दौड़ आदि लगाने के लिए बोला था। उसे लगता था कि सफदरजंग अस्पताल में उसका इलाज ठीक से नहीं हुआ है। ऐसे में उसे लगता था कि वह मुख्यमंत्री को धमकी भरे मेल भेजेगा तो वह मीडिया में आ जाएगा और उसे ठीक से इलाज मिल जाएगा।
मोबाइल का आईपी एड्रेस मिलते ही पकड़ा गया-
साइबर सेल पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने मोबाइल से धमकी भरे मेल भेजे थे। गूगल से उस मोबाइल का आईपी एड्रेस मिल जाता है जिस इंटरनेट का मोबाइल पर प्रयोग हो रहा है। आईपी एड्रेस से मोबाइल का नंबर मिल गया था। आरोपी का कहना है कि वह रायबरेली में ऐसे ही अपनी बहन के घर चला गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी गिरफ्तारी के डर से रायबरेली भाग गया था।