वह जान बूझकर रिश्वत के लिए भ्रष्टाचार के मामलों में जांच रिपोर्ट को सीवीसी के पास फर्स्ट स्टेज एडवाइस के लिए नहीं भेजता। डॉ. अविनाश ने ऐसे 10 मामलों का उदाहरण देते बताया कि तमाम जांच रिपोर्टों के बाद भी दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाए उन्हें प्रमोशन देकर पहले से अच्छी जगह पर पोस्टिंग का मामला भी उठाया है।
इस पत्र के जरिये उन्होंने इन अधिकारियों को सस्पेंड कर सीबीआई जांच कराने की मांग की है। इस मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव डीएम सोपोलिया ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि उन्होंने कभी भी अपने कार्यकाल में कुछ गलत नहीं किया है।
उन्होंने इसका पूरी तरह से खंडन किया है। बहरहाल, इस मामले ने एक बार फिर दिल्ली सरकार और मुख्य सचिव को लेकर चली आ रही राजनीति को हवा दी है। सूत्रों की मानें तो जल्द ही इस मामले में दिल्ली सरकार जांच कमेटी भी गठित कर सकती है।