Gautam Buddha University Seminar
प्रोफेसर नागेश ठाकुर ने शोध को लेकर कहा कि भारत एक प्रयोगशाला है। आज का युवा यह तय करे कि यहां होने वाले सभी शोध राष्ट्रहीत में होंगे। इस देश के शोधार्थियों से देश को बहुत आशाएं हैं। जिस गति से भारत का विकास व सम्मान बढ़ रहा है, उसी निष्ठा से हम भी अपना योगदान देश के हित के लिए अदा करें।
शोध प्रकल्प के संयोजक आलोक पांडे ने कहा कि हम 'शोध-स्टूडेंट्स फॉर हॉलिस्टिक डेवलपमेंट ऑफ ह्यूमैनिटी' के माध्यम से देशभर के शोधार्थियों को अपने क्षेत्र में बेहतर करने के लिए एक प्लेटफॉर्म मुहैया करा रहें हैं, जहां शोधकार्य में आने वाली समस्याओं व हल पर संवाद हो सके। हमारा इस तीन दिवसीय सेमिनार को कराने का यही एक मकसद है।
Gautam Buddha University Seminar
जीबीयू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डा. विश्वास त्रिपाठी ने कहा कि यह तीन दिवसीय सेमिनार शोधार्थियों के लिए वाकई बहुत लाभदायक रहा। इस सेमिनार का उद्देश्य देशभर के शोधार्थियों को देश से जुड़े पारंपरिक शोध के विषयों पर ध्यान आकर्षित करना था, जो काफी हद तक सफल भी रहा। यह सेमिनार 15,16,17 मार्च को हुआ। इस सेमिनार में देशभर से आए लगभग 120 छात्रों व लब्धप्रतिष्ठित शिक्षाविदों ने भाग लिया।
सेमिनार में देश के प्रख्यात शिक्षाविद व समाजसेवी जीबीयू के कुलपति भगवती प्रसाद शर्मा ,चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के कुलपति एन के तनेजा, एबीवीपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर, उतर प्रदेश सरकार के आर्थिक सलाहाकार के.वी राजू, यूजीसी के सदस्य नागेश ठाकुर ,वरिष्ठ पत्रकार मधु किश्वर, ऑर्गेनाइजर के संपादक प्रफुल्ल केतकर, जेएनयू के प्रोफेसर अश्विन महापात्रा, आईसीएसआर के मेम्बर सेक्रेटरी वीरेन्द्र महापात्रा जैसे शिक्षा जगत की प्रसिद्ध हस्तियों से शोधार्थियों को मार्गदर्शन मिला।