बल्लभगढ़ में बिजली बिल घोटाले की क्लोजर रिपोर्ट को मुख्यालय ने फेल कर दिया है। घोटाले की रिपोर्ट स्थानीय ऑडिट टीम ने मुख्यालय को दी थी। जिस पर मुख्यालय ने कई तथ्य स्पष्ट न होने की बात कही है।
साथ ही मुख्यालय ने यह भी साफ किया है कि जब उनकी टीम मौके पर जांच के लिए गई थी उस दौरान जो तथ्य सामने आए थे उनका जिक्र क्लोजर रिपोर्ट में नहीं है। मुख्यालय ने बिजली बिल घोटाले की जांच एक बार फिर करने का निर्णय लिया है। इसके लिए निजी ऑडिट एजेंसी को काम पर रखा जाएगा।
पिलर बॉक्स योजना: तीन और जिलों से जुडे़ हैं घोटाले के तार
दरअसल, 16 मई को कैश में गड़बड़ी करने के आरोप में बिजली निगम सब डिवीजन नंबर तीन के तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था।
ऐसे मामले सब डिवीजन नंबर एक, दो, चार, पांच, ओल्ड फरीदाबाद में भी सामने आए थे। जिसके बाद मामले की जांच में हिसार ऑडिट कम विजिलेंस टीम जुट गई थी। टीम ने करीब एक माह जांच की। इस दौरान कई कार्यालयों से करोड़ों का घोटाला मिला।
इसके बाद जांच की जिम्मेदारी स्थानीय ऑडिट विंग को दी गई। ऑडिट विंग को क्लोजर रिपोर्ट देने के लिए पहले दो जुलाई और बाद में आठ अगस्त तक का समय दिया गया। लेकिन अब स्थानीय ऑडिट टीम ने जो क्लोजर रिपोर्ट मुख्यालय को दी है उसमें कमियां बताते हुए उसे खारिज कर दिया गया है। एसई मुकेश गुप्ता ने बताया रिकॉर्ड सारा है। मुख्यालय को जो सहायता चाहिए होगी मुहैया कराई जाएगी।