सरकार और पुलिस पर लगाए गए मुख्य आरोप
आशुतोष रांका का कहना है कि सरकार के साथ यह तय हुआ था कि किसी भी प्रदर्शनकारी पर पुलिस कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन इस वादे को पूरी तरह से तोड़ा जा रहा है। आरोप है कि बिहार और बंगाल में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दिल्ली और अन्य राज्यों में सैकड़ों छात्रों की निगरानी की जा रही है और उन्हें परेशान किया जा रहा है। दिल्ली से ऐसी कई रिपोर्टें सामने आ रही हैं कि जो वालंटियर्स प्रदर्शनकारियों तक रसद और अन्य जरूरी सामान पहुंचा रहे थे, उन्हें भी हिरासत में लिया गया है।
सीजेपी की प्रमुख मांगें
तत्काल रिहाई और केस वापसी: प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर तुरंत रद्द की जाएं और गिरफ्तार किए गए सभी छात्रों को बिना किसी देरी के रिहा किया जाए।
भविष्य की कार्रवाई पर रोक: दिल्ली पुलिस, केंद्रीय जांच एजेंसियों और भाजपा-गठबंधन वाले राज्यों की पुलिस द्वारा (समझौते के अनुरूप) भविष्य में कोई नई एफआईआर दर्ज न की जाए।
कल तक चाहिए लिखित आश्वासन: रांका ने मांग की है कि कानूनी मामलों की वापसी को लेकर हुए समझौते का लिखित मसौदा, तय समय-सीमा के अनुसार कल तक उनके साथ साझा किया जाए।
कड़े शब्दों में चेतावनी
रांका ने लिखा है कि यदि इन मांगों को नजरअंदाज किया गया और वादे के मुताबिक कार्रवाई नहीं रोकी गई, तो उनके पास दोबारा बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।