ठूंस-ठूंसकर खाने वालों पर बरसे सोनम वांगचुक
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सोनम वांगचुक ने वहां मौजूद भीड़ पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यहां प्रदर्शन करने वालों से ज्यादा पिकनिक मनाने वाले लोग पहुंच रहे हैं। यहां लोगों को ठूंस-ठूंसकर खाते हुए देखकर दुख होता है। वांगचुक ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि ज्यादा खाने वाले लोग मोटे होकर बीमार होंगे और जल्द मरेंगे। इसके साथ ही उन्होंने आंदोलन को गंभीर बनाने की अपील करते हुए कहा कि हर कोई कम से कम एक दिन का अनशन जरूर करे।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन
सीजेपी नेताओं के अनुसार, जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा। शुक्रवार को सीजेपी की नेतृत्व टीम ने भी एक दिन का उपवास रखा। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सभी प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे एकजुटता दिखाने के लिए कम से कम एक दिन का उपवास जरूर रखें और इसका वीडियो बनाकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करें।
देर रात बढ़ी पुलिस की मौजूदगी, प्रशासन के सख्त रुख की आशंका
आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार बातचीत करने के बजाय प्रदर्शन को दबाने का प्रयास कर रही है। उनके मुताबिक, बृहस्पतिवार देर रात जंतर मंतर और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इससे आशंका जताई जा रही है कि प्रशासन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। हालांकि, इस अतिरिक्त बल की तैनाती पर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
कई छात्रों की तबीयत बिगड़ी
लगातार भूख हड़ताल के कारण प्रदर्शन में शामिल कई छात्रों का ब्लड शुगर लेवल कम हो गया है और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी है। एक छात्र की हालत ज्यादा खराब होने पर उसे देर रात अस्पताल में भर्ती कराया गया। अभिजीत दीपके ने बताया कि डॉक्टरों की निगरानी में प्रभावित छात्रों का इलाज और प्राथमिक उपचार किया जा रहा है।
बड़ी संख्या में छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों की मौजूदगी के बीच प्रदर्शन पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से चल रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस मामले पर कब और क्या रुख अपनाती है।