एनडीएमसी के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने कनॉट प्लेस में सभी दुकानों और प्रतिष्ठानों को बंद करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश टेलीफोन के माध्यम से जारी किया गया। कनॉट प्लेस के आसपास बनी गंभीर स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। प्रतिष्ठान मालिकों और कब्जाधारियों से सहयोग करने की अपील की गई है। उन्हें इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। ऐसा किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए किया जा रहा है। इससे संपत्ति के नुकसान और लोगों को चोट से भी बचाया जा सकेगा।
एनडीएमसी के इस निर्देश पर केजरीवाल ने किया हमला
वहीं इस पर आप नेता अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 'कनॉट प्लेस की सभी दुकानों को आज शाम 6.30 पीएम बंद करने के आदेश हैं। जबरदस्त सुरक्षा व्यवस्था है। ढेर सारी एंबुलेंस हैं। क्या मोदी सरकार आज फिर जंतर-मंतर पर अपने बच्चों पर बर्बर हमला करेगी?'
गलत सूचना से बचें: दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने एक्स पर पोस्ट डालते हुए जानकारी दी है कि नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) के तहत अधिकारों के रूटीन तिमाही रिन्यूअल को गलत तरीके से चल रहे सीजेपी विरोध-प्रदर्शनों से जोड़ा गया है। यह रिन्यूअल विरोध-प्रदर्शनों से पहले ही हो गया था और यह एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और गलत जानकारी शेयर करने से बचें।
कल होगी याचिका पर सुनवाई
20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा, तोड़फोड़, पुलिस और पत्रकारों पर हमलों की एनआईए जांच की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट कल सुनवाई करेगा। याचिकाकर्ता के वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश के सामने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की थी।
दिल्ली पुलिस ने की अपील
दिल्ली पुलिस सभी नागरिकों से अपील करती है कि वे सोशल मीडिया पर जानकारी का इस्तेमाल और उसे शेयर करते समय सावधानी बरतें। ज़िम्मेदार डिजिटल व्यवहार की शुरुआत किसी भी कंटेंट को आगे भेजने से पहले आधिकारिक माध्यमों से तथ्यों की पुष्टि करने से होती है।
इंस्पेक्टर ने लगाया छात्रों पर पिटाई का आरोप
कल जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर नंदकिशोर ने कहा कि मैं जंतर-मंतर पर नाइट ड्यूटी पर था। भीड़ इतनी ज़्यादा थी कि मुझे गाड़ी पार्क करने की जगह नहीं मिल रही थी। मुझे हनुमान मंदिर रोड पर एक जगह मिली; उसके बाद मैं वहां से पैदल जा रहा था।
वहां बहुत सारे छात्र थे। मुझे डर नहीं लगा क्योंकि वे छात्र थे, जब मैं संसद मार्ग पहुंचा, तो वहां लगभग ढाई हजार लोगों की भीड़ थी फिर वे अचानक गुस्से में आ गए और मेरी तरफ़ बढ़ने लगे, यह कहते हुए कि आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं; हम पर हमला हो रहा है... फिर उन्होंने मुझे पीछे से लात मारी और घूंसे मारने लगे। मुझ पर हमला करने वाले लगभग 150 लोग थे, एक पुलिस टीम ने मुझे बचाया।