क्राइम ब्रांच के नोटिस और समन पर अपडेट
इन नेताओं को गुरुवार दोपहर राजौरी गार्डन स्थित दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच कार्यालय में पेश होना था, लेकिन उन्होंने इसके लिए अधिक समय की मांग की थी। पुलिस स्टेशन से बाहर आने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए आशुतोष रांका ने कहा कि हमें अभी अगली तारीख नहीं मिली है। पहली तारीख पर हम नहीं जा पाए थे, जिसकी सूचना हमने दे दी थी। उन्होंने कहा है कि वे समय की पुष्टि करेंगे, इसलिए हम क्राइम ब्रांच के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने आगे बताया कि शुक्रवार को न्यायिक हिरासत से रिहाई के बाद उनके मुचल्कों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी हो गई है, जो पूरी तरह ठीक रही और उन्हें नवंबर के तीसरे सप्ताह की अगली तारीख दी गई है।
'जेल के अंदर हों या बाहर, आंदोलन रहेगा जारी'
आंदोलन के रुख पर बात करते हुए रांका ने कहा कि हम नेता नहीं हैं। हम इस मंच के संरक्षक हैं, जो देश के लोगों ने हमें दिया है। हम बस अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश कर रहे हैं। जेल के अंदर हों या बाहर, आंदोलन जारी रहेगा। जाहिर है, हमने अपने बारे में और जिस तरह से शासन प्रणाली काम कर रही है, उसके बारे में बहुत कुछ सीखा है, और हम निश्चित रूप से जरूरी बदलाव करेंगे।
क्या है पूरा मामला?
सीजेपी नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका एक सप्ताह की न्यायिक हिरासत काटने के बाद बुधवार को ही तिहाड़ जेल से रिहा हुए हैं। दिल्ली पुलिस ने सीजेपी नेताओं के खिलाफ दर्ज विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों को हाल ही में क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर किया है। यह पूरा मामला 13 अक्तूबर की घटना से जुड़ा है, जब दास, रांका और शिंदे सहित 14 लोगों ने जंतर-मंतर (जिसे विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में डी-नोटिफाइड कर दिया गया है) में प्रवेश किया था। इस दौरान पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया था। अजिंक्य शिंदे को पहले ही जमानत बांड पर रिहा कर दिया गया था, जबकि सौरभ दास और आशुतोष रांका को एक सप्ताह तक न्यायिक हिरासत में रहना पड़ा था।