सीजेएम कोर्ट ने ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी फ्लिपकार्ट, उसके सीईओ और चेयरपर्सन के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। सीजेएम आरपी गुप्ता की कोर्ट ने यह आदेश एक वकील द्वारा दी गई याचिका के आधार पर दिया। मामला कंपनी द्वारा एक लैपटॉप के मानक पूरे नहीं करने का है।
पीड़ित अधिवक्ता नौशाद चौधरी परिवार के साथ हापुड़ के सिभावली इलाके में रहते हैं। उन्होंने बताया कि वह गाजियाबाद जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में प्रैक्टिस करते हैं। नौशाद का कहना है कि उन्होंने दीपावली के मौके पर फ्लिपकार्ट कंपनी पर ऑनलाइन शांपिग को लेकर छूट चल रही थी। इस दौरान उन्होंने 12 अक्तूबर 2018 को एक कंपनी का 17990 रुपये का लैपटॉप बुक कराया, जिसके बाद वह उनके गाजियाबाद स्थित चैंबर पर डिलीवर हुआ।
नौशाद का आरोप है कि उन्होंने इंटेल प्रोसेसर का लैपटॉप ऑर्डर किया था, लेकिन डिलीवर हुए लैपटॉप में एएलडी का प्रोसेसर लगा हुआ था, जोकि मानकों के अनुसार गलत था। इसकी शिकायत कंपनी से की। आरोप है कि शिकायत के बाद न तो उनके खाते में रुपये आए और न ही कंपनी का कोई कर्मचारी लैपटॉप लेकर वापस गया। ऐसा नहीं होने पर उन्होंने पहले पुलिस से शिकायत की, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
इसके बाद नौशाद ने सीजेएम कोर्ट में अर्जी देकर मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई। अदालत ने अर्जी के आधार पर कंपनी के सीईओ कल्याण कृष्णा मूर्ति और चेयरपर्सन सचिन बंसल और कंपनी फ्लिपकार्ट के खिलाफ कविनगर पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है।