सिविल सेवा दिवस के अवसर पर दिल्ली में प्रशासनिक सुधार की दिशा में नई पहल की शुरुआत हुई। पहली बार आयोजित चीफ मिनिस्टर्स अवॉर्ड्स फॉर एक्सीलेंस एंड इनोवेशन इन गवर्नेंस एंड पब्लिक सर्विस डिलीवरी 2026 के तहत 35 अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर उनकी सराहना की।
कार्यक्रम का आयोजन प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से किया गया, जिसमें शासन व्यवस्था में नवाचार, पारदर्शिता और बेहतर सेवा वितरण के लिए काम करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया गया। दिल्ली सरकार ने घोषणा की कि अब यह पुरस्कार हर वर्ष सिविल सेवा दिवस पर दिए जाएंगे।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि सिविल सेवा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनता के विश्वास को निभाने का दायित्व है। उन्होंने कहा कि सुशासन की असली कसौटी यह है कि सरकारी सेवाएं कितनी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और समयबद्ध तरीके से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सिविल सेवा केवल एक करियर नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का माध्यम है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाना है और इसमें अधिकारियों की भूमिका रीढ़ की हड्डी के समान है। उन्होंने बताया कि यह पहल नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से प्रेरित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुरस्कार न केवल उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करता है, बल्कि पूरी प्रशासनिक व्यवस्था में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और बेहतर कार्य संस्कृति को भी बढ़ावा देता है।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति ने इनोवेशन, आपातकालीन प्रबंधन और डिजिटल गवर्नेंस जैसे मानकों के आधार पर विजेताओं का चयन किया। विभिन्न श्रेणियों में अधिकतम 10 नामों की सिफारिश कर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया।
इस वर्ष पुरस्कार चार श्रेणियों में दिए गए, जिनमें विभिन्न विभागों के ग्रुप ए, बी और सी के कर्मचारी, तकनीकी क्षेत्रों के अधिकारी, स्वायत्त और स्थानीय निकायों के कर्मचारी शामिल रहे। सम्मानित अधिकारियों में शिक्षा, राजस्व, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, आईटी, पर्यावरण, एमसीडी, एनडीएमसी, डीजेबी और डीएमआरसी सहित कई विभागों के अधिकारी शामिल हैं।