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CISF जवान ने हीरो की तरह एस्कलेटर से गिरती बच्ची को बचाया

Mon, 13 Jun 2016 03:12 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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सीआईएसएफ जवान ब‌िकास त‌िर्की ज‌िन्होंने बचाई बच्ची की जान - फोटो : टाइम्स ऑफ इं‌ड‌िया
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दिल्ली के कालकाजी मेट्रो स्टेशन में शनिवार को एक सीआईएसएफ कर्मी ने अपनी सूझबूझ और तत्परता से एक ऐसा हादसा होने से बचा लिया जिसमें एक सेकंड की भी देरी से शायद एक बच्ची की जान पर बन आती।
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हम बात कर रहे हैं सीआईएसएफ कॉन्स्टेबल बिकास तिर्कि की जिनके लिए बीता शनिवार काफी व्यस्त था। 30 वर्षीय तिर्की यात्रियों की चेकिंग कर रहे थे कि शाम 5:15 बजे के करीब अचानक उन्हें एक चीख सुनाई दी। बिकास ने आवाज सुनकर इधर-उधर देख ये पता करने की कोशिश की यह चीख कहां से आई पर उन्हें पता नहीं चल पाया।

इतने में ही उन्हें दूसरी चीख सुनाई पड़ी। तब उन्होंने देखा कि लगभग आठ साल की बच्ची एस्कलेटर के हैंडरेल को एक हाथ से पकड़े हुए हवा में झूल रही थी। वह उस वक्त लगभग 15 फीट की ऊंचाई पर थी। यह देख एक सुरक्षाकर्मी बच्ची की ओर दौड़ा लेकिन जब तक वो वहां पहुंचता बच्ची का हाथ हैंडरेल से छूट गया और वह जमीन की ओर गिरने लगी।
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ब‌िकास ने तत्परता द‌िखा लपक ली बच्ची

दिल्ली मेट्रो - फोटो : ANI
बच्ची को गिरता देख बिकास ने तुरंत तत्परता दिखाते ‌हुए विवेक से काम लिया और आगे की ओर दौड़ गया। बच्ची के जमीन पर गिरने से पहले ही वो बच्ची को लपक चुका था।

यह किसी चमत्कार से कम नहीं था, बिकास ने बाद में बच्ची को उसके परिवार को सौंप दिया, जो बिकास का आभार प्रकट करते नहीं थक रहा था। बता दें कि बच्ची और उसके परिवार के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल सकी है।

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी इस खबर के अनुसार एक वरिष्ठ सीआईएसएफ अधिकारी ने बताया, लड़की कुछ महिलाओं और दूसरे बच्चों के साथ आई थी। वह चेकिंग के बाद स्टेशन के अंदर चली गई थी। उसके पिता और अंकल टोकन खरीद रहे थे वहीं बच्ची के अन्य परिजन उनका इंतजार कर रहे थे।

घटना के वक्त वहां कुछ लोगों ने बताया कि बच्ची एस्कलेटर के पास खेल रही थी, गलती से उसे एस्कलेटर का हैंडरेल पकड़ लिया। जब वो हैंडरेल उसे ऊपर खींचने लगा तो वह डर गई। डर की वजह से ही उसने हैंडरेल को और जोर से पकड़ लिया।
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एक सेकंड की देरी से होता दर्दनाक हादसा

मेट्रो - फोटो : अमर उजाला
उस वक्त मौके पर मौजूद सीआईएसएफ के एक अफसर ने बताया कि जब लोगों ने बच्ची को एस्कलेटर से ऊपर जाते देखा तो उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को चेताया। बच्ची को देखते ही एक सुरक्षाकर्मी उसे बचाने के लिए दौड़ा लेकिन तब तक बच्ची का हाथ छूट गया था। अगर उस वक्त एक सेकंड की भी देरी हो जाती तो वहीं एक दर्दनाक हादसा हो जाता।

बच्ची जहां गिरी वहीं एक बैरिकेड था जो पब्लिक और सुरक्षाकर्मियों के एरिया को अलग करता है। बिकास की एक सेकंड की भी देरी होने पर बच्ची दूसरी तरफ गिरती जहां से उसे बचा पाना मुमकिन न होता।

बच्ची को अपनी बुद्धिमानी और बहादुरी से बचाने वाले बिकास बड़े ही विनम्र अंदाज में कहते हैं कि 'मैंने सिर्फ अपनी ड्यूटी की। लोगों की सुरक्षा निश्चित करना ही हमारी प्राथमिकता है। मैं उन सभी का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने हमें सही वक्त पर बच्ची के बारे में बताया। इससे एक बड़ा हादसा टल गया।'
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