जांच में पता चला कि नदीम को सीआरपीएफ में भर्ती होने का शौक था। उसने वर्ष 2017 में सीआरपीएफ की परीक्षा भी दी थी। लेकिन वह उत्तीर्ण नहीं हो पाया। बावजूद उसने परिजनों और दोस्तों को बताया कि वह सीआरपीएफ में भर्ती हो गया है। उसके बाद वह खुद ही वर्दी बनवाकर अपने दोस्तों और परिचितों के बीच रौब झाड़ता था। जांच में पता चला कि नदीम के माता-पिता जीवित हैं। वह नौ माह से अपने चाचा के साथ रह रहा है।
सकते में है आरोपी नदीम का परिवार
दिल्ली में नदीम के पकड़े जाने पर उसके परिजन सकते में हैं। वे इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। सीआईएसएफ के अधिकारियों की सूचना मिलने के बाद बाबरी थाना प्रभारी नेमचंद सिंह आरोपी नदीम के घर पहुंचे। परिवारवालों को सीआईएसएफ अधिकारियों की ओर से भेजी गई नदीम की फोटो दिखाई। उन्हें परिजनों ने बताया कि इंटर करने के बाद नदीम करीब तीन साल से अधिकतर समय बाहर ही रहा है। नदीम ने परिवार को बताया है कि वह सीआरपीएफ में भर्ती हो गया है। अभी उसकी ट्रेनिंग चल रही है। नदीम के खिलाफ बाबरी थाने में किसी तरह का कोई मामला दर्ज नहीं है। उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी ठीक है। नदीम तीन भाइयों में बीच का है। बड़ा भाई नईम फर्नीचर की दुकान पर काम करता है। जबकि सबसे छोटा भाई नसीम ने इंटर में पढ़ता है। चार बहनों में एक बहन की शादी हो चुकी है। पिता अकील भी मेहनत मजदूरी करते हैं।