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Delhi: संसद भवन के बाहर से लगातार दूसरे दिन संदिग्ध युवक को दबोचा, सीआईएसएफ ने हिरासत में लिया

Sun, 24 Aug 2025 03:40 AM IST
विजय पुंडीर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने संसद भवन परिसर के पास से लगातार दूसरे दिन एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया है। पुलिस समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं । 

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वहीं एक दिन पहले संसद की दीवार पर चढ़ने के आरोपी रामकुमार बिंद से शुरुआती पूछताछ में पता चला कि वह संसद परिसर को रेलवे स्टेशन समझकर अंदर कूद गया था। सीआईएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संसद परिसर की सुरक्षा के लिए एक एसओपी लागू की है, जिसके तहत किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जांच के बाद उसे पुलिस को सौंप दिया जाएगा।

शुक्रवार को संसद भवन की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले रामकुमार बिंद (20) को भूलने की बीमारी है और वह अवसाद से भी पीड़ित है। दिल्ली पुलिस समेत देश की सुरक्षा एजेंसियां उससे दूसरे दिन लगातार पूछताछ करने में लगी हुई थी। इस घटना के दूसरे दिन शनिवार को सीआईएसएफ के जवानों ने 20 वर्षीय युवक को सुबह करीब साढ़े नौ बजे रेल भवन और संसद भवन के बीच रायसीना रोड से पकड़ा। युवक के पास से कोई भी आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई।  
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संसद की सुरक्षा में तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि युवक बेंगलुरु से दिल्ली आया था और दुबई जाने वाला था। उसके पास से कोई भी आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद युवक को मामले की जांच के लिए कर्तव्य पथ थाने को सौंप दिया गया।  

सामान चोरी हो गया था
संसद भवन की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले आरोपी रामकुमार बिंद को भूलने की बीमारी है। सूरत से दिल्ली आते हुए उसका सामान चोरी हो गया था। उसे पता नहीं है कि उसका सामान कहां से चोरी हुआ है। उसके खिलाफ शनिवार शाम तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया था। नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त देवेश कुमार महला ने बताया कि आरोपी के परिजनों को दिल्ली बुलाया गया है।\

बड़ी संख्या में लोग आते हैं..
.संसद भवन परिसर के केवल बाहरी हिस्से में तस्वीरें लेने या इस भव्य इमारत को निहारने के लिए हर दिन बड़ी संख्या में लोग आते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि परिसर को किसी भी अप्रिय घटना से सुरक्षित रखने के लिए केवल उन्हीं लोगों को रोका जा रहा है, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध या खतरनाक लग रही हों। 

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