एनएच-91 स्थित गांव चिटहेरा के जवान विनोद भाटी चीन सीमा पर झूलाघाट गैला पोस्ट (पिथौरागढ़) पर आक्सीजन की कमी से शनिवार को शहीद हो गए। पुलवामा हमले के बाद विनोद की चीन सीमा पर तैनाती हुई थी। विनोद के शहीद होने की खबर से गांव व क्षेत्र में शोक छा गया। रविवार को आईटीबीपी के अधिकारी जवान का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ गांव पहुंचे।
तहसील दादरी के चिटहेरा निवासी विनोद भाटी (31) पुत्र जयचंद सिंह भारतीय तिब्बत सीमा सुरक्षा बल की 42वीं बटालियन में थे। 14 फरवरी को ग्रेटर नोएडा से जोधपुर गए थे। यहां से 3 मार्च को विनोद समेत 17 जवानों की चीन सीमा पर भेजा गया था। इनमें विनोद समेत तीन जवानों को 9 मार्च को करीब सात हजार फुट की ऊंचाई पर आक्सीजन की कमी के चलते सांस लेने में परेशानी होने लगी।
उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की। हालत बिगड़ने पर विनोद को आर्मी के प्राथमिक रिलीफ कैंप ले जाया गया। यहां से आईटीबीपी के अस्पताल ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में ही वह शहीद हो गए।
प्राइमरी स्कूल में पार्थिव शरीर को रख लगाए नारे
विनोद के पार्थिव शरीर को पहले गांव के प्राइमरी स्कूल प्रांगण में रख कर सलामी दी गई। यहां लोगों ने विनोद भाटी अमर रहे और भारत माता की जय’ के नारे लगाए। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। अंतिम संस्कार में केंद्रीय मंत्री डा. महेश शर्मा, विधायक तेजपाल सिंह नागर, चेयरमैन गीता पंडित, पुलिस क्षेत्राधिकारी अवनीश कुमार और तहसीलदार आदि मौजूद रहे।
कुछ घंटे पहले ही पत्नी से हुई थी बात
शहीद विनोद भाटी का जन्म 7 जनवरी 1988 को चिटहेरा में हुआ था। उनकी प्राथमिक शिक्षा गांव में ही दीपक पब्लिक स्कूल में हुई। इंटरमीडिएट की पढ़ाई मिहिर भोज इंटर कॉलेज से की थी। वह आईटीबीपी में दिसंबर 2007 में चंडीगढ़ से भर्ती हुए थे। परिवार में एक छोटा भाई, चार बहनें, माता-पिता, पत्नी और तीन बच्चे हैं।
बड़ा बेटा हिमांशु (11), बेटी हिमांशी (8) और छोटा बेटा हनी (3) है। 8 मार्च की रात में करीब 10 बजे विनोद की पत्नी से फोन पर बात हुई थी। हालचाल पूछने के बाद बच्चों की पढ़ाई व उनकी देखरेख को कहा था। पत्नी का रोते हुए कहना है कि मुझे पता नही था कि अब दोबारा हालचाल नहीं पूछा जाएगा। उससे पहले 6 मार्च को भाई जीत सिंह से भी फोन पर बात हुई थी और होली पर आने की बात विनोद ने कही थी।