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नर्सरी दाखिले के लिए अधिकतम आयु तय

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नर्सरी में दाखिले के लिए उम्र के फेर में उलझे अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर है। सरकार ने प्री, प्री-प्राइमरी व पहली कक्षा में दाखिले के लिए अधिकतम आयु निर्धारित कर दी है। मालूम हो कि बीते सप्ताह ही अधिकतम आयु तय करने के लिए एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम द्वारा शिक्षा निदेशालय को पत्र लिखा गया था।
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निजी स्कूलों में नर्सरी की दाखिला प्रक्रिया एक जनवरी से शुरू होनी है। इसे लेकर शिक्षा निदेशालय ने बीते सप्ताह निर्देश जारी किए थे, जिनमें आयु को लेकर स्थिति स्पष्ट न होने के कारण अभिभावकों में असमंजस की स्थिति थी।

निदेशालय की उपशिक्षा निदेशक (एक्ट-1) पी लता तारा ने दाखिले के लिए अधिकतम आयु को लेकर आदेश जारी कर दिया है।

पहली कक्षा के लिए 6 साल से कम होनी चाहिए उम्र

नर्सरी में दाखिले के लिए बच्चे की आयु 31 मार्च तक चार साल से कम होनी चाहिए। पहली अप्रैल को अगर किसी बच्चे की आयु चार साल हो जाती है तो उसका दाखिला नहीं होगा। इसके साथ प्री-प्राइमरी में दाखिले के लिए पांच साल से कम और पहली कक्षा के लिए 6 साल से कम होनी चाहिए।

दरअसल, प्री स्कूल में तीन, प्री प्राइमरी में चार और पहली कक्षा में पांच साल के बच्चे का दाखिला होता था। ऐसे में जो बच्चा 30 मार्च तक तीन साल एक दिन का भी हो जाता था तो उसके दाखिले में दिक्कत आती थी।

अब निदेशालय द्वारा अधिकतम आयु निर्धारित होने के बाद अभिभावकों को राहत मिलेगी। इसी के साथ निदेशालय ने अशक्त बच्चों के लिए आयु सीमा निर्धारित कर दी है।
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आयु को लेकर समस्याएं खत्म

इन बच्चों की प्री-स्कूल में दाखिले के लिए उम्र पांच साल से कम और प्री-प्राइमरी में दाखिले के लिए छह साल से कम होनी चाहिए। वहीं पहली कक्षा में दाखिले के लिए बच्चे की उम्र सात साल से कम निर्धारित की गई है।

अभिभावकों को अशक्त बच्चे के दाखिले के लिए इससे संबंधित दस्तावेज दिखाने होंगे। एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम के प्रमुख सुमित वोहरा ने बताया कि इस आदेश से अधिकतम आयु को लेकर समस्याएं तो खत्म हो गईं हैं, लेकिन उन बच्चों को समस्या हो सकती है जिनका दाखिला पिछले साल आयु के कारण नहीं हो सका।

अब जिसकी उम्र चार साल से ज्यादा होगी, उसका दाखिला नर्सरी में नहीं हो सकेगा जबकि केजी में दाखिला सीटें बेहद कम होती हैं।
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