एक तरफ दिल्ली में बढ़ रही ठिठुरन तो दूसरी तरफ उत्तरी निगम क्षेत्र के स्कूलों में जमीन पर बैठकर पढ़ाई के लिए मजबूर हजारों बच्चों की समस्या को सोमवार को सदन की बैठक में उठाया गया। पार्षदों ने कहा जब तक बच्चों को बैठने के लिए स्कूलों में बेंच-डेस्क की सुविधा नहीं मिलेगी, पार्षद भी बैठक के दौरान जमीन पर बैठेंगे। उत्तरी दिल्ली नगर निगम सदन की बैठक में बेंच-डेस्क को लेकर पार्षदों ने अधिकारियों पर आरोपों की झड़ी लगाते हुए इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की।
महापौर ने भी इस मामले को संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई के निगम आयुक्त से कहा, ताकि बच्चों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। कमिश्नर वर्षा जोशी ने भरोसा देते हुए अधिकारियों को एक सप्ताह में जहांगीरपुरी के स्कूल में इसके पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश देते हुए कहा कि अगले दो-तीन महीने में सभी स्कूलों में बेंच-डेस्क की कमी दूर कर दी जाएगी। पार्षदों का गुस्सा फिर भी कम नहीं हुआ और उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पूरी सर्दियां बीतने के बाद अगर बच्चों के बैठने के लिए बेंच-डेस्क का इंतजाम किया जाएगा तो उन्हें इसका क्या फायदा मिलेगा।
बेंच डेस्क की कमी से अधिकतर स्कूलों में ठिठुरन के बावजूद जमीन पर बैठकर पढ़ाई के विवश हैं। कांग्रेसी पार्षद पूनम, मुकेश गोयल सहित अन्य भाजपा पार्षदों ने भी इस मामले पर अधिकारियों पर निशाना साधा। बेंच-डेस्क की कमी पर शिक्षा निदेशक ने कहा कि 8000 बेंच डेस्क के लिए जल्द ही खरीदारी की जाएगी। चरणबद्ध तरीके से होने वाली खरीद में दो महीने का वक्त लगने की उन्होंने बात कही, जिसका पार्षदों ने जमकर विरोध करते हुए कहा कि इसके लिए जल्द से जल्द खरीदारी होनी चाहिए ताकि बच्चों को सर्दियों में जमीन पर बैठकर ठिठुरने के लिए विवश न होना पड़े। हालांकि अभी भी उत्तरी निगम क्षेत्र के स्कूलों में करीब 19000 बेंच डेस्क की जरूरत है। इसके बावजूद खरीदारी के लिए भी कम ऑर्डर किए जा रहे हैं।