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कमजोर होता 'भविष्य': खेलने की आदत में आए बदलाव से बच्चों की हड्डियां हो रहीं कमजोर, सिगरेट भी वीक कर रही बोन्स

Mon, 05 Aug 2024 10:03 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों में आने वाली इस तरह की समस्याओं का विश्लेषण करने से पता चला है कि इनको धूप नहीं मिल रही है। यह अमूमन घरों में कैद रहते हैं। इससे धूप से मिलने वाले विटामिन डी की कमी हो जाती है।
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धूप में बच्चों को खेलना जरूरी - फोटो : freepik
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विस्तार
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बच्चों के खेलने की आदत में आए बदलाव से हड्डियों में कमजोरी बढ़ रही है। यह बच्चे लंबे समय तक धूप से दूर रहते हैं। इन बच्चों में विटामिन डी की कमी के कारण पसली, जांघ व दांत टूटने, घुटने टेढ़े होने, कलाई चौड़ी पड़ने, खोपड़ी की हड्डियों की कमजोरी सहित दूसरी परेशानी मिल रही है। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में रोजाना ऐसे 5-6 मरीज पहुंच रहे हैं। समय पर इलाज न कराने से सर्जरी तक की नौबत आ सकती है। साथ ही भविष्य में गंभीरता बढ़ने की आशंका रहती है।

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विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों में आने वाली इस तरह की समस्याओं का विश्लेषण करने से पता चला है कि इनको धूप नहीं मिल रही है। यह अमूमन घरों में कैद रहते हैं। इससे धूप से मिलने वाले विटामिन डी की कमी हो जाती है। यही विटामिन कैल्शियम के अवशोषण में मददगार बनता है। ऐसे में पांच से 17 साल के बच्चों में हड्डी रोग बढ़ रहा है। इसके अलावा जीवनशैली में आए बदलाव व आहार में कैल्शियम की कमी बड़ा कारण है।

हड्डी रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. राहुल खरे ने बताया कि समय के साथ बदल रही जीवनशैली बच्चों में समस्या बढ़ा रही है। ओपीडी में रोजाना ऐसे 5-6 बच्चे आते हैं। भविष्य में इन बच्चों में सामान्य लोगों के मुकाबले परेशानियां ज्यादा होंगी। इस समस्या को रोका जा सकता है। इसके लिए बच्चों को बाहर खेलने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ कैल्शियम युक्त भोजन देना होगा।

इन कारणों से बच्चों में होती है समस्या
- विटामिन डी की कमी
- कैल्शियम की कमी
- संतुलित आहार की कमी
- आनुवांशिक कारण
- शारीरिक गतिविधि की कमी
- स्वास्थ्य समस्याएं
- मालन्यूट्रिशन
 

सिगरेट के धुएं से छलनी हो रहीं हड्डियां
पुरुषों के साथ महिलाओं में भी बढ़ते शराब की आदत और सिगरेट के धुएं से हड्डियां तेजी से छलनी हो रही हैं। ऐसे लोगों में ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा सामान्य के मुकाबले ज्यादा रहता है। शराब और सिगरेट की आदत से खून का प्रवाह प्रभावित होता है। ऑस्टियोपोरोसिस के साथ ऑस्टियोआर्थराइटिस की बढ़ती समस्या को देखते हुए सोमवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के अस्थि शल्य चिकित्सा विभाग में कार्यक्रम का आयोजन किया। अध्यक्ष डॉ. राहुल खरे ने बताया कि मेनोपॉज के बाद 45-50 साल की उम्र में महिलाओं की हड्डियां तेजी से कमजोर होती हैं, जबकि पुरुषों में यह समस्या 60-65 के बाद दिखती है। उन्होंने बताया कि ओपीडी में रोजाना 800 मरीज आते हैं। इनमें करीब आधे मरीज महिलाएं होती हैं और इनमें से करीब 100 महिलाएं ऐसी समस्याओं से पीड़ित मिल रही हैं।
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ऐसे करें पहचान
- कमर दर्द से होती है शुरुआत, धीरे-धीरे दूसरे अंगों और मांसपेशियों में बढ़ता है दर्द

ऐसा करने से होगी रोकथाम
- धूम्रपान व शराब के सेवन से बचें
- जीवनशैली में करें सुधार
- खाने में उपयुक्त प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन डी लें
- सुबह-शाम कम से कम 15-15 मिनट व्यायाम और सैर करें।
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