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ऑपरेशन में डॉक्टर से कटा बच्चे का कान, परिजनों ने किया हंगामा

Mon, 16 Nov 2015 05:09 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, फरीदाबाद
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एनएच तीन ईसआईसी अस्पताल में सीजेरियन प्रसव के दौरान सर्जिकल ब्लेड लगने से नवजात का कान कटते हुए गले तक लंबा चीरा लग गया।
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डिलीवरी कराने वाले स्टाफ ने मामले को दबाना चाहा लेकिन हालत बिगड़ने पर बच्चे को रेफर किया गया तो परिजनों को हादसे की जानकारी हुई। परिजनों ने ऑपरेशन थियेटर के बाहर हंगामा किया और पुलिस बुला ली।

मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने मामले की जांच करा दोषी मेडिकल स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई करने परिजनों को आश्वासन दिया। निजी अस्पताल में बच्चे का माइनर ऑपरेशन किया गया है फिलहाल उसे एनआईसीयू में रखा गया है।
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जवाहर कॉलोनी में रहने वाले विशंभर एक सिक्योरिटी एंजेंसी में काम करते हैं। उन्होंने गर्भवती पत्नी पूजा को प्रसव के लिए 12 नवंबर को एनआईटी तीन ईएसआईसी अस्पताल में भर्ती कराया था।

विशंभर के मुताबिक डॉक्टरों ने पत्नी खून की कमी बता दो यूनिट खून मांगा था। एक यूनिट खून शुक्रवार को चढ़ाया गया। सोमवार को सुबह डॉक्टरों ने बताया कि प्रसव सीजेरियन ऑपरेशन के जरिए ही होगा।
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घंटों तक डॉक्टरों ने नहीं दी जानकारी

विशंभर के मुताबिक ईएसआई की डॉक्टर उर्मिल ने प्रसव कराने की जिम्मेदारी ली थी। सुबह 9:30 बजे पूजा को आपरेशन थियेटर ले जाया गया। विशंभर का आरोप है कि दो घंटे तक डॉक्टरों ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी।

पत्नी बच्चों का हाल जानने के लिए वह अंदर गए तो डॉक्टर उर्मिल ने उनसे कहा कि उनका ऑपरेशन सफल रहा है बच्चे की हालत ठीक नहीं है बच्चों के डॉक्टर से मिलो। वह बच्चों के डॉक्टर को लेकर ऑपरेशन थियेटर पहुंचे।

डॉक्टर ने देख कर बताया कि सीजेरियन के दौरान सर्जिकल ब्लेड लगने से बच्चे के कान से लेकर गले तक करीब छह सेंटीमीटर का घाव हो गया है। इसके साथ ही उन्होंने बच्चे को सेक्टर 10 स्थित निजी अस्पताल ले जाने की सलाह दी।

डॉक्टर की लापरवाही से बच्चे का कान कट जाने की खबर मिलते ही पूजा के परिजन गुस्सा गए और ऑपरेशन थियेटर के सामने ही हंगामा करने लगे। परिजनों ने 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस बुला ली।

मौके पर पहुंचे तीन नंबर चौकी इंचार्ज ने मामला समझने के बाद विशंभर से लिखित शिकायत देने को कहा ताकि कानूनी कार्रवाई की जा सके। इस बारे में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. एके गौतम ने बताया कि उन्होंने जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले डॉक्टर और स्टाफ के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
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