बचपन में स्कूलों और घरों में गिनती को बोल-बोलकर याद कराया जाता था, लेकिन अब बच्चों को हिंदी में गिनती बोलनी नहीं आती। जी हां, देश की राजधानी के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का यही हाल है। वे 1 से 100 तक गिनती को बोल नही पाते हैं। बच्चों को गिनती सिखाने के लिए शिक्षा निदेशालय की ओर से एक सर्कुलर जारी किया गया है।
सर्कुलर के मुताबिक कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थी सही तरीके से हिंदी में गिनती बोलने में सक्षम नही हैं। उन्हें अगर गिनती सुनाने को कहा जाए, तो वे 50 तक भी नहीं गिन पाते हैं। खासकर तीस के बाद तो बच्चों को गिनती बोलने में खासी दिक्कत होती है। यदि शिक्षक शुरुआती कक्षाओं में उन्हें खेल-खेल में यह गिनती बोलना सिखाएं तो वह सीख सकते हैं। ऐसे में स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि वह बच्चों को 100 तक हिंदी में गिनती बोलना सिखाने का प्रयास करें। स्कूल इस निर्देश का कैसे पालन करते हैं इसकी रिपोर्ट जल्द ही स्कूल से ली जाएगी।