गाजियाबाद में बच्चों की खरीद-फरोख्त किए जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। नंदग्राम, विजयनगर और वसुंधरा में ऐसे कई गिरोह सक्रिय हैं, जो तीन लाख में लड़का और डेढ़ लाख में लड़की बेचते हैं।
वर्ष 2007 से 2010 तक ऐसे कई खुलासे पुलिस ने किए थे। अब फिर से यह गोरखधंधा अपने पैर पसार रहा है। पुलिस को भी इस संबंध में सूचनाएं मिली हैं। पुलिस इसकी जांच करा रही है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस धंधे में महिलाएं भी शामिल हैं। खरीद-फरोख्त करने वाले लड़के के तीन से पांच लाख वसूलते हैं और लड़की के एक से डेढ़ लाख।
कहां-कहां हैं इनके रैकेट
इनका रैकेट खासतौर पर नंदग्राम और विजयनगर इलाके में बताया जा रहा है। एसपी सिटी अजयपाल ने बताया कि सूचना मिली है, इसकी जांच कराई जा रही है।
इस संबंध में ऑपरेशन स्माइल के नोडल अधिकारी सीओ द्वितीय रणविजय सिंह ने बताया कि बच्चों की खरीद-फरोख्त की सूचना मिली है, पुष्टि होने पर ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
बता दें कि इससे पहले 28 फरवरी 2010 को विजयनगर से शाहनूर उर्फ शानू (1) को अगवा कर 65 हजार रुपये में बेचा गया था। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
यह बालक बंगाली दंपति नसरुल इस्लाम और शमीना का था। महिला को गोद देने के लिए बच्चा किडनैप किया गया था। विजयनगर का चर्चित अंकित उर्फ बिट्टू अपहरणकांड में महिला संता गिरफ्तार की गई थी।
दादी ने ही पोते को बेचा
बिट्टू अपहरणकांड में गिरफ्तार की गई इस महिला ने रिश्ते में पोते पांच साल के बिट्टू का अपहरण कर लिया था। वह बच्चे को बेचकर लखपति बनना चाहती थी। करीब चार साल पहले महिला अस्पताल से एक बच्चा चोरी किया गया था।
इसके बाद वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इसके अलावा 27 अगस्त 09 कविनगर से नौ साल के बालक का अपहरण किया था। 19 जनवरी 09 को लोनी से बालक का अपहरण, चार दिन बाद हुआ था मुक्त।
ये सावधानी बरतें
घर के भेदियों से भी सावधान रहें।
संदिग्ध लोगों की इत्तला पुलिस को दें।
बच्चे अंजान व्यक्ति से कोई खाद्य सामग्री न लें।
अंजान से रास्ते में बातचीत भी न करें।
नियर एंड डियर पर भी निगाह रखें।