स्थानीय लोगों ने किया हंगामा...
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कुत्ते के पिल्ले (पपी) को ऊंची इमारत से फेंकने पर बच्चे के खिलाफ दर्ज केस के विरोध में ग्रेनो वेस्ट की गौड़ सिटी-2 सोसायटी में रविवार को हंगामा हुआ। लोगों ने केस में बच्चे का नाम होने का आरोप लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया। एडीसीपी हृदेश कठेरिया ने कहा, केस अज्ञात अभिभावक पर दर्ज किया है। नौ साल के बच्चे ने ऊंचाई से पपी को फेंका था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। वीडियो वायरल होने पर बिसरख कोतवाली में शिकायत दी गई थी।
पांच घंटे तक हंगामा
निवासियों ने बच्चे के खिलाफ केस दर्ज करने का आरोप लगाते हुए सोसाइटी के बाहर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। सोसाइटी के अंदर और बाहर करीब पांच घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। इस दौरान पिल्ले को फेंकने की सूचना पुलिस को देने वाली युवती और उसकी मां से मारपीट की गई। वहीं मामले में दूसरे पक्ष ने भी मारपीट का आरोप लगाया।
एडीसीपी हृदेश कठेरिया के मुताबिक मामले में बच्चे पर नहीं बल्कि अज्ञात अभिभावक पर केस दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि हंगामे के दौरान मारपीट नहीं केवल धक्का मुक्की हुई है। कुछ दिन पहले गौड़ सिटी-2 सोसाइटी में बच्चे के पिल्ले को फेंकने का वीडियो वायरल हो गया था। इस मामले में गौड़ सिटी-2 निवासी पीएफए सदस्य सुरभि रावत ने शनिवार को बिसरख कोतवाली में शिकायत दी थी। दर्ज शिकायत में करीब 10 साल के बच्चे पर ऊंचाई से पिल्ले को फेंकने का आरोप लगा था। आरोप है कि बच्चे के पास कोई और भी मौजूद था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात पर पशु क्रूरता अधिनियम और आईपीसी की धारा-429 में केस दर्ज किया।
दर्ज शिकायत में पिल्ला फेंकने के मामले में बच्चे को किशोर न्यायालय में पेश करने व उसकी मानसिक स्थिति की जांच कराने की मांग की गई। बच्चों को इस तरह के रील बनाने के लिए उकसाने की बात भी लिखी गई है। रविवार को केस दर्ज होने की जानकारी मिलते ही सोसाइटी निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने सोसाइटी से बाहर आकर रोड जाम कर दिया। करीब एक घंटे तक रास्ता बाधित करने से वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस के जाम खुलवाने के बाद सोसाइटी के अंदर हंगामा शुरू हो गया। करीब पांच घंटे तक चले हंगामे के दौरान सोसाइटी निवासी पशु प्रेमी युवती से मारपीट की गई। विरोध करने पर उसकी मां से भी हाथापाई की गई। वहीं, दूसरे पक्ष ने पशु प्रेमियों पर मारपीट का आरोप लगाया है।
लावारिस कुत्तों को सोसाइटी से बाहर निकालने की मांग, तनाव
पांच घंटे तक चले हंगामे की वजह से सोसाइटी में तनाव बढ़ गया है। रविवार सुबह करीब 11 बजे निवासी मेंटेनेंस कार्यालय पहुंचकर लावारिस कुत्तों को सोसाइटी से बाहर करने की मांग करने लगे। साथ ही उस पिल्ले के बारे में जानकारी मांगी। निवासियों का कहना है कि पिल्ला जिंदा है। वह एक कार पर गिरा था और फिर भाग गया। इस दौरान मेंटेनेंस टीम ने प्राधिकरण की कुत्ता पकड़ने वाली टीम को बुला लिया। इसे लेकर लोग भड़क गए। दोनों पक्ष की महिलाओं में मारपीट भी हुई।
सोशल मीडिया से फैलाई जा रही क्रूरता का पड़ रहा बच्चों पर प्रभाव
पीएफए सदस्य सुरभि रावत ने कहा कि जिस युवती से मारपीट की गई है, उसी ने इस घटना की सूचना दी थी। सुरभि के मुताबिक गौड़ सिटी में पहले भी पिल्लों से क्रूरता हुई है। कुछ दिन पहले पिल्ले को एक व्यक्ति ने वाहन से कुचल दिया था। एक और पिल्ला संदिग्ध परिस्थितियों में मरा मिला। उन्होंने कहा कि पिल्लों के प्रति सोशल मीडिया पर नफरत फैलाई जा रही है। इसका प्रभाव बच्चों पर पड़ता है।