बिजली के तेज झटके के साथ दिल की धड़कन खो चुके एक 16 वर्षीय बच्चे को 36 घंटे बाद होश आने और जान बचने का एक मामला सामने आया है। लड़का एक अगस्त को अपनी दुकान पर लोहे की रेलिंग के पास से जा रहे गीले तार के संपर्क में आ गया था। बारिश के कारण तार में करंट आ रहा था।
करंट लगने के कारण लड़का काफी देर तक रेलिंग से ही चिपका रहा। इलाके की बिजली जाने के बाद वह नीचे गिर गया। वहां मौजूद लोगों ने लड़के को अधमरी अवस्था में देखा। इसके बाद उसे इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में ले जाया गया।
इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. सुधीर त्यागी ने कहा कि जिस समय मरीज को अस्पताल में लाया गया था उसके शरीर में धड़कन नहीं थी। बिजली की वजह से उसकी पल्स लगातार गिर रही थी। ब्लड प्रेशर भी सामान्य नहीं था।
जांच के दौरान पता चला कि बिजली के तेज झटके के कारण बच्चे को दिल का दौरा पड़ा था। ऐसे में बचने की संभावना भी कम थी। डॉक्टर ने कहा कि मरीज को तुरंत सीपीआर दिया। 45 मिनट के बाद लड़के में जान लौट आई। डॉक्टर ने कहा कि करीब 36 घंटे बाद बच्चे को होश आया और गत 5 अगस्त को उसे छुट्टी दे दी गई।
डॉ सुधीर ने कहा कि ऐसे मामले बहुत गंभीर होते हैं क्योंकि जरा सी देर हुई नहीं कि दिमाग को बहुत क्षति पहुंचा सकती है। यदि बच्चे को तुरंत सीपीआर नहीं दिया जाता तो दिमाग तक ऑक्सीजन के प्रवाह में कमी हो सकती थी। इससे गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकते थी।