दिल्ली में चिकनगुनिया के बढ़ते प्रकोप के बीच हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए कीमत तय कर दी है। अब चिकनगुनिया के टेस्ट के लिए 1000 रुपये खर्च करने होंगे। इस बाबत स्वास्थ्य महानिदेशक की ओर से सिविल सर्जन को पत्र भेजा गया है।
इसके बाद सोमवार को उपायुक्त टीएल सत्यप्रकाश और सिविल सर्जन डॉ. पुष्पा बिश्रोई ने सभी निजी अस्पतालों और लैब संचालकों के साथ बैठक कर इस बाबत दिशा निर्देश दिए।
अब इस आदेश के बाद शहर में चिकनगुनिया के टेस्ट के नाम पर प्राइवेट अस्पताल संचालक व लैब मनमानी नहीं कर सकेंगे। शहर में चिकनगुनिया के नाम पर प्राइवेट अस्पताल व लैब संचालक 2 हजार रुपए से 5 हजार रुपए तक वसूल कर रहे थे।
दिल्ली के मुकाबले कम होगी टेस्ट की कीमत
इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के पास लगातार शिकायत भी आ रही थी, लेकिन सरकार द्वारा चिकनगुनिया टेस्ट के रेट तय नहीं होने के चलते विभाग के अधिकारी भी कार्रवाई नहीं कर पा रहे थे। जिसका फायदा प्राइवेट अस्पताल व लैब संचालक उठा रहे थे।
पिछले दिनों दिल्ली सरकार द्वारा चिकनगुनिया के रिजर्व ट्रांसक्रिपशन पॉलिमर्स चेन रिएक्शन (आरटी-पीसीआर) के रेट 1500 रुपए तय किए हैं। हालांकि हरियाणा सरकार ने इस टेस्ट की कीमत 1000 रुपये तय किए हैं। हरियाणा में यह दिल्ली के मुकाबले कम होगा।
इसके अलावा चिकनगुनिया के आईजीएम टेस्ट के लिए 600 रुपये तय किए गए हैं। आरटीपीसीआर टेस्ट गंभीर परिस्थितियों में किया जाता है। जरनल रूप से चिकनगुनिया टेस्ट के लिए आईजीएम टेस्ट ही किये जाने का दिशा निर्देश दिया गया है।
निजी लैब कर रहे हैं विरोध
बता दें कि डेंगू के लिए भी 600 रुपये कीमत तय की गई है। सिविल सर्जन, डॉ. पुष्पा बिश्नोई का कहना है कि स्वास्थ्य मुख्यालय द्वारा चिकनगुनिया टेस्ट के लिए कीमत तय कर दी गई है।
इसकी जानकारी प्राइवेट अस्पताल व लैब संचालकों को बैठक कर दे दी गई है। अगर अब कोई अधिक कीमत वसूलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
निजी लैब संचालक दिल्ली के मुकाबले कम रेट होने का विरोध कर रहे हैं। लैब संचालकों का कहना है कि आरटी-पीसीआर टेस्ट के लिए कम से कम 1200 रुपये लागत आती है। इससे कम में करना मुश्किल होगा। जबकि सरकार ने लागत से भी कम कीमत तय की है। जो मुनासिब नहीं है।