कैबिनेट की बैठक से पहले मुख्य सचिव को हर सरकारी अस्पताल की स्टेटस रिपोर्ट देनी होगी। इसमें अस्पताल से जुड़ी सभी सेवाओं की जानकारी रहेगी। इससे जरूरत होने पर सुविधाओं का विस्तार भी किया जा सकेगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विधानसभा को बताई गई टाइम लाइन के भीतर सभी प्रोजेक्ट को तैयार कर लेने की कोशिश है। इस तरह के प्रजेंटेशन का फायदा यह होगा कि कोई अड़चन आने पर मौके पर ही उसका निपटान किया जा सकेगा। वहीं, प्रोजेक्ट की प्रगति भी मुख्यमंत्री की सीधी नजर में रहेगी।
दूसरी तरफ दो दिन पहले मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वह केंद्र सरकार में लंबित पड़े बिलों पर रिपोर्ट तैयार करे। वहीं, जिस विभाग से संबंधित बिल है, उसके सचिव को केंद्र सरकार के संबंधित विभाग के सचिव से संपर्क कर अड़चनों को दूर करना होगा। मुख्यमंत्री का मानना है कि इससे बिल पास कराने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों के जनता दरबार पर भी मांगी रिपोर्ट
बीते शनिवार को मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वह सुबह 10-11 बजे के बीच अधिकारियों के दरबार लगाने के पहले के आदेश का पालन सुनिश्चित करें। वहीं, उन्हें अधिकारियों की फील्ड विजिट व उसकी रिपोर्ट भी तैयार करानी होगी।