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दिल्ली: करवाचौथ से पहले 51 बेटियों को सीएम रेखा ने दिए एक-एक लाख रुपये, बोलीं- खुलकर बताएं अपनी परेशानी

Wed, 28 Oct 2026 01:59 PM IST
अनुज कुमार पीटीआई, दिल्ली

सार

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने करवाचौथ पर 51 नवविवाहित बेटियों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी। रेखा गुप्ता ने इन बेटियों को गृहस्थी संबल प्रदान किया। उन्होंने कहा कि वह हर बेटी की बड़ी बहन हैं।
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रेखा गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली में सामूहिक विवाह के बाद 51 नवविवाहित बेटियों को उनके पहले करवाचौथ पर एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में सभी बेटियों को सहायता राशि के चेक के साथ करवाचौथ किट भी सौंपी। 

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लाडली फाउंडेशन ने मार्च में इन बेटियों का सामूहिक विवाह कराया था। मुख्यमंत्री ने बेटियों को वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें हर परिस्थिति में साथ खड़े रहने का भरोसा दिया।

नई गृहस्थी को आर्थिक संबल
सामूहिक विवाह के बाद पहले करवाचौथ पर आर्थिक सहायता देने की पहल का उद्देश्य नवविवाहित बेटियों को नई जिंदगी की शुरुआत में संबल देना है। प्रत्येक बेटी को एक लाख रुपये का चेक दिया गया। इसके साथ करवाचौथ किट भी भेंट की गई, ताकि उनके लिए यह अवसर यादगार बन सके। मुख्यमंत्री ने जरूरतमंद बेटियों के विवाह में सहयोग करने के साथ उनके जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों पर भी साथ देने को संवेदनशील पहल बताया। इससे बेटियों और उनके परिवारों को आर्थिक मदद के साथ भावनात्मक संबल देने का संदेश दिया गया।
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बड़ी बहन बनकर साथ खड़ी रहने का भरोसा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बेटियों से आत्मीय संवाद किया और उनके परिवारों व वैवाहिक जीवन के अनुभवों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि दिल्ली की हर बेटी की बड़ी बहन के रूप में वह उसके साथ खड़ी हैं। किसी भी परेशानी या कठिन परिस्थिति में घबराने के बजाय बेटियां अपनी बात खुलकर बताएं। उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता से सुना जाएगा। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि बेटियां खुद को अकेला न समझें और जरूरत पड़ने पर सहयोग मांगने में संकोच न करें।

सपने पूरे करने और अपनी पहचान बनाने का संदेश
मुख्यमंत्री ने बेटियों को आत्मविश्वास के साथ अपने सपने पूरे करने और अपनी अलग पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बेटियों का सुख, सम्मान और आत्मनिर्भरता सर्वोपरि है। उनके जीवन में सम्मान, सुरक्षा और सहयोग का एहसास होना चाहिए। इस पहल के जरिये आर्थिक सहायता के साथ बेटियों को यह संदेश भी दिया गया कि विवाह के बाद भी उनकी खुशियों और भविष्य को महत्व देना जरूरी है।

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