सेवा गुणवत्ता मानक- योजना में सेवा गुणवत्ता के लिए सख्त मानक स्थापित किए गए हैं। इसमें वाहन की साफ-सफाई, ड्राइवर का व्यवहार और ग्राहकों की शिकायतों का समय पर समाधान शामिल है।
सार्वजनिक सुरक्षा- इस योजना में यात्रियों की सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया है।
इन पर लागू होगी स्कीम
यह स्कीम दिल्ली में संचालित एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सेवा प्रदाताओं व ई-कॉमर्स संस्थाओं पर लागू होती है। इसमें वैसी सेवा प्रदाताओं को शामिल किया जाएगा, जिनके बेड़े में 25 या अधिक मोटर वाहन (2 पहिया, 3 पहिया और 4 पहिया, बसों को छोड़कर) हैं। इसके अलावा एप या वेब पोर्टल जैसे डिजिटल माध्यम का उपयोग उपभोक्ताओं से जुड़ने के लिए करते हैं।
लाइसेंस
सभी मौजूदा या नए ऑपरेटरों को योजना की अधिसूचना के 90 दिन के भीतर या परिचालन शुरू करने से पहले लाइसेंस प्राप्त करना होगा। लाइसेंस पांच साल के लिए वैध होगा, जिसमें वार्षिक शुल्क लागू होगा। इलेक्ट्रिक वाहनों के मामले में कोई शुल्क नहीं लगेगा। इसके अतिरिक्त दो वर्ष से कम पुराने वाहनों के लिए 50 फीसदी की छूट का प्रावधान है।
जुर्माना
इस स्कीम में योजना अनुपालन का सख्त प्रावधान है। नियम उल्लंघन पर 5 हजार से 1 लाख रुपये का दंड का प्रावधान है।
चरणबद्ध तरीके से वाहन बेड़े को ईवी में तब्दील करना होगा
स्कीम के अनुसार, एग्रीगेटर्स के लिए नए बेड़े में दोपहिया वाहनों के लिए ईवी को शामिल करने का लक्ष्य 100 फीसदी तय किया गया है, जबकि 3 पहिया वाहनों के नए बेड़े में 6 महीने में 10 फीसदी ईवी, 2 साल में 50 फीसदी और 4 साल में 100 फीसदी इलेक्ट्रिक वाहन शामिल करने होंगे। इसी तरह 4 पहिया वाहनों के बेड़े में 6 महीने के अंदर 5 फीसदी, 3 साल में 50 फीसदी और 5 साल में 100 फीसदी ईवी को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।