सरकार ने दिखाई राजनीतिक इच्छाशक्ति
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि डीपीएस में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों ने हमें बताया कि फीस वृद्धि को लेकर 2020 से संघर्ष कर रहे थे। दिल्ली के पूर्व सीएम से लेकर शिक्षा मंत्री तक शिकायत की गई थी। कहीं भी कोई सुनवाई नहीं हुई। मगर, जैसे ही 2025 में हमारी सरकार आई तो मुख्यमंत्री ने एक कमेटी बनाई। डीएम की कमेटी ने निजी स्कूलों के मामलों की गहन जांच की और उसकी रिपोर्ट के आधार पर पहली बार डीपीएस जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों पर दिल्ली हाईकोर्ट को सख्त आदेश जारी करना पड़ा।
कानून पास होने पर एक अप्रैल से होगा प्रभावी
शिक्षा मंत्री ने कहा कि नए विधेयक के विधानसभा में पास होने पर यह कानून बन जाएगा जो शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होगा। यह विधेयक कानून बनने के बाद दिल्ली के सभी 1677 निजी स्कूलों पर एक अप्रैल 2025 से प्रभावी माना जाएगा।
अभिभावक बोले मंत्री ने दिया था भरोसा
संवाद कार्यक्रम में पहुंचे डीपीएस द्वारका के अभिभावकों ने कहा कि हमने लगभग 20 से 25 बार पिछली सरकार से शिकायत कर ज्ञापन भी सौंपा। लेकिन उस पर कभी कोई कार्रवाई ही नहीं हुई। जब नई सरकार सत्ता में आई और शिक्षा मंत्री आशीष सूद को समस्याओं से अवगत कराया तो उन्होंने पहली बैठक में स्पष्ट कह दिया था कि स्कूलों पर अवश्य कार्रवाई करेंगे।