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'27 सालों से स्कूलों की मनमानी': सीएम रेखा अभिभावकों से बोलीं, कानून पास होने पर एक अप्रैल से होगा प्रभावी

Sat, 03 May 2025 08:12 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

दिल्ली सचिवालय में अभिभावकों को मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने संबोधित किया। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि नए कानून से निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर लगाम लगेगी।
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दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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विस्तार
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निजी स्कूलों की फीस वृद्धि की मनमानी रोकने के लिए बने दिल्ली स्कूल शिक्षा पारदर्शिता निर्धारण और फीस विनियमन विधेयक को लेकर अभिभावकों ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री आशीष सूद का आभार व्यक्त किया। संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि स्कूलों में पढ़ने वाले किसी भी बच्चे के साथ नाइंसाफी नहीं होने देंगे। अगर किसी छात्र और अभिभावक को कोई स्कूल फीस के संबंध में प्रताड़ित करता है तो वह सीधे शिकायत कर सकता है।

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दो महीने के अंदर बिल का मसौदा किया तैयार
अभिभावकों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का यह विधेयक एतिहासिक और निर्णायक कदम है। पिछले 27 सालों से दिल्ली के अभिभावकों के साथ निजी स्कूल मनमानी फीस बढ़ाकर अन्याय कर रहे थे। निजी स्कूल मनमाने ढंग से फीस बढ़ाते रहे और पिछली सरकारों के पास ऐसा कोई स्पष्ट कानून या दिशा-निर्देश ही नहीं था, जिससे मनमानी फीस पर लगाम लगाई जा सके। जब अभिभावकों की आवाज सरकार तक पहुंची, तब हमने इस बात को बड़ी गंभीरता से लिया। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के सत्ता में आने के मात्र दो महीने के अंदर शिक्षा मंत्री के नेतृत्व में एक मजबूत और न्यायसंगत अधिनियम का मसौदा तैयार किया गया।

1677 निजी स्कूलों की फीस में अब होगी पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस विधेयक के माध्यम से दिल्ली के सभी 1677 निजी स्कूलों की फीस को अब पारदर्शी तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है। अब निजी स्कूलों में फीस तय करने की प्रक्रिया में अभिभावकों, स्कूल प्रबंधन और अन्य हितधारकों की सहभागिता अनिवार्य होगी। नए विधेयक को बनाने में स्कूल प्रबंधन, अभिभावक और शिक्षा निदेशालय समेत सभी पक्षों से विचार-विमर्श कर बेहद शानदार कानूनी रूपरेखा तैयार की है।
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65 सीएमश्री स्कूल भी हो रहे तैयार
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार जो नए 65 सीएमश्री स्कूल बनाने जा रही है। भविष्य में वह सरकारी स्कूल इतने बेहतर और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था देने में सक्षम होंगे कि लोग निजी स्कूलों को छोड़कर दिल्ली सरकार के सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को दाखिला दिलाने को प्राथमिकता देंगे।

विधेयक को जल्द विधानसभा सत्र में करेंगे पास
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही विधानसभा का सत्र बुलाकर इस विधेयक को पाारित किया जाएगा। इसके लागू होने से अभिभावकों को मनमानी फीस बढ़ोतरी से मुक्ति मिल जाएगी। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सरकार ने मात्र दो महीने में मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए विधेयक लेकर आई है। जबकि पिछली सरकारों विशेष रूप से आम आदमी पार्टी की सरकार ने शिक्षा को सिर्फ एक राजनीतिक मंच और बच्चों और अभिभावकों को लूट का जरिया बना रखा था। उन्होंने कभी फीस नियंत्रण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की।

पिछले 27 साल से स्कूल बढ़ा रहे फीस
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में हर वर्ष फीस बढ़ाई जाती रही। लेकिन न तो कोई निगरानी व्यवस्था बनाई और न ही पारदर्शिता सुनिश्चित की गई। पिछले 27 सालों से हर साल स्कूलों की फीस बढ़ती रही।
 

सरकार ने दिखाई राजनीतिक इच्छाशक्ति
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि डीपीएस में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों ने हमें बताया कि फीस वृद्धि को लेकर 2020 से संघर्ष कर रहे थे। दिल्ली के पूर्व सीएम से लेकर शिक्षा मंत्री तक शिकायत की गई थी। कहीं भी कोई सुनवाई नहीं हुई। मगर, जैसे ही 2025 में हमारी सरकार आई तो मुख्यमंत्री ने एक कमेटी बनाई। डीएम की कमेटी ने निजी स्कूलों के मामलों की गहन जांच की और उसकी रिपोर्ट के आधार पर पहली बार डीपीएस जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों पर दिल्ली हाईकोर्ट को सख्त आदेश जारी करना पड़ा।

कानून पास होने पर एक अप्रैल से होगा प्रभावी
शिक्षा मंत्री ने कहा कि नए विधेयक के विधानसभा में पास होने पर यह कानून बन जाएगा जो शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होगा। यह विधेयक कानून बनने के बाद दिल्ली के सभी 1677 निजी स्कूलों पर एक अप्रैल 2025 से प्रभावी माना जाएगा।

अभिभावक बोले मंत्री ने दिया था भरोसा
संवाद कार्यक्रम में पहुंचे डीपीएस द्वारका के अभिभावकों ने कहा कि हमने लगभग 20 से 25 बार पिछली सरकार से शिकायत कर ज्ञापन भी सौंपा। लेकिन उस पर कभी कोई कार्रवाई ही नहीं हुई। जब नई सरकार सत्ता में आई और शिक्षा मंत्री आशीष सूद को समस्याओं से अवगत कराया तो उन्होंने पहली बैठक में स्पष्ट कह दिया था कि स्कूलों पर अवश्य कार्रवाई करेंगे।
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अभिभावकों की प्रतिक्रिया
मेरे दो बच्चे कक्षा दसवीं और पांचवीं में पढ़ते है। इसमें एक बच्चा केंद्रीय विद्यालय में और दूसरा निजी स्कूल में पढ़ता है। निजी स्कूलों की फीस वृद्धि की मनमानी पर रोक लगनी चाहिए। सरकार ने बिल लाकर अभिभावकों को राहत दी है।-रचना, अभिभावक, मोती बाग

मेरा एक बच्चा दूसरी कक्षा में और एक बच्चा प्री नर्सरी में पढ़ता है। स्कूल ने तीन साल बाद फीस में दस फीसदी के करीब बढ़ोतरी की है। सरकार बहुत अच्छा बिल लेकर आई है। उम्मीद है कि इस बिल के लागू होने के बाद स्कूलों की मनमानी पर रोक लगेगी।-डॉ. लक्ष्मण, अभिभावक, फतेहपुर बेरी
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