-मेस सचिव ने मेन्यू किया छोटा, कैंटीन में चाय से लेकर समोसा हुआ महंगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । कैंटीन के बाद खाने का संकट अब जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की हॉस्टल मेस में भी दिख रहा है। मेस के मेन्यू को छोटा कर दिया गया है। वैश्विक ईंधन आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के कारण छात्रों को आज से तली हुई सब्जी, पूड़ी, छोले-भठूरे और पराठे नहीं मिलेंगे। इस संबंध में साबरमती हॉस्टल के मेस सचिव श्रवण कुमार ने पत्र लिखा है।
साबरमती हॉस्टल की अध्यक्ष अंजलि ने बताया कि विश्वविद्यालय की मेस में गैस की कटौती चिंता का विषय है। परिसर के कैंटीन संचालक भी गैस की समस्या से जूझ रहे है। कैंटीन में दस रुपये में मिलने वाली चाय और समोसे अब 15 रुपये की दर से मिल रहे हैं। रविवार को मेस में सुबह के नाश्ते में विशेष तौर पर छोले-भठूरे परोसे जाते थे, लेकिन अब वह छात्रों को नहीं मिलेंगे। रोटी की संख्या को भी कम किया गया है।
साबरमती हॉस्टल में गैस आपूर्ति करने वाली कंपनी का एक पत्र भी सामने आया है, जिसमें गैस के कम इस्तेमाल का निर्देश दिया गया है। वहीं, जेएनयू दामोदर हॉस्टल के पास कैंटीन चलाने वाले दीपक चौबे ने बताया कि कैंटीन के संचालन के लिए सिर्फ दो दिन का गैस स्टॉक बचा है।