नई दिल्ली। राजधानी में इस वर्ष 1300 से अधिक घाटों पर छठ पूजा का आयोजन किया जा रहा है। यमुना किनारे किए जा रहे इंतजाम इस बार अभूतपूर्व हैं और श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध अनुभव प्रदान करने के लिए दिल्ली सरकार युद्धस्तर पर जुटी हुई है। बृहस्पतिवार को कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने घाट का निरीक्षण करते हुए यह बातें कही। बताया कि ।
कपिल मिश्रा ने बृहस्पतिवार को उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के साथ यमुना नदी स्थित वासुदेव घाट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए कि सफाई, लाइटिंग, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी हों। निरीक्षण में दिल्ली सरकार, नगर निगम और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। कपिल मिश्रा ने कहा कि यह कहने वाली नहीं, करने वाली सरकार है। यह छठ पूजा अब तक की सबसे व्यापक और ऐतिहासिक होगी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार की यह पहली छठ पूजा है और यमुना किनारे पूजन का संकल्प पहली ही छठ पूजा में पूरा हो रहा है। यह दिल्ली के लिए गौरव का क्षण है कि श्रद्धालु परंपरागत तरीके से यमुना तट पर पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने जानबूझकर छठ पूजा पर रोक लगाई थी, जिससे पूर्वांचल के लोगों का अपमान हुआ। पिछले छह वर्षों से यमुना किनारे छठ पूजा पर रोक लगी थी, लेकिन इस बार पूर्वांचल के लोग स्वाभिमान और गर्व के साथ अपना पर्व मनाएंगे। दिल्ली सरकार हर श्रद्धालु के साथ खड़ी है और किसी भी तरह की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। इस बार छठ पूजा के अवसर पर विशेष रूप से घाटों की सजावट, रोशनी, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रत्येक घाट पर मेडिकल, सुरक्षा और साफ-सफाई की पूर्ण व्यवस्था होगी। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षित आवागमन के लिए दिल्ली पुलिस और अन्य विभाग पूरी तरह से तैनात रहेंगे।