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Chhath Puja 2019: दिल्ली-NCR के सैकड़ों घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने दिया उगते सूर्य को अर्घ्य

Sun, 03 Nov 2019 08:54 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देश में मनाया जा रहा आस्था का महापर्व छठ रविवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही खत्म हो गया। दिल्ली-एनसीआर में बने सैकड़ों घाटों पर श्रद्धालुओं ने रविवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। 
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यमुना में छठ के चौथे दिन रविवार सुबह तय समय 6:35 बजे पर उगते सूर्य को व्रतियों ने अर्घ्य दिया और छठी मैया की पूजा कर अपना व्रत खत्म किया। व्रतियों ने गन्ने के बीच में मिट्टी के हाथी जो भगवान गणेश के रूप में होते हैं व कलशी रखा, गन्ने के पास मिट्टी के बर्तन में प्रसाद रखकर दीप जलाया। 

इससे पहले चार दिवसीय पर्व के तीसरे दिन शनिवार को अस्ताचलगामी सूर्य (डूबते सूर्य) को अर्घ्य देकर महिलाओं ने पूजन किया। कुछ स्थानों पर महिलाओं के साथ ही पुरुषों ने भी अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए छठ का व्रत किया। जगह-जगह बने छठ घाटों पर शाम को भारी भीड़ मौजूद रही। कई जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। जहां कलाकारों ने भोजपुरी गीतों से सभी का मनमोह लिया।
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स्मॉग के बीच व्रतियों ने की पूजा
दिल्ली में छाई स्मॉग की चादर के बीच लाखों पूर्वांचलियों ने यमुना में खड़े होकर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया। परिवार, देश, समाज में सुख-समृद्धि की कामना किया। आईटीओ के छठ घाट पर इस बार अन्य वर्षों की तुलना में ज्यादा भीड़ दिखी। छठ व्रतियों ने दिल्ली के प्रदूषण को नजरअंदाज करते हुए मग्न होकर पूजा की।

 
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सुरक्षा के कड़े इंतजाम

घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम किये गए हैं। हर जगह सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। पुलिसकर्मी टावरों से निगरानी कर हैं। मेटल डिटेक्टर से चेक करने के बाद ही घाटों पर प्रवेश दिया जा रहा है। पूजन सामग्री की भी चेकिंग की जा रही हैं। बड़ी संख्या में सीसीटीवी लगाए गए हैं।

पुरुषों ने भी रखा व्रत 
यूं तो छठ पर्व में अधिकांश महिलाएं विधि विधान से पूजन एवं व्रत करती हैं और घर के पुरुष उनका सहयोग देते हैं। अर्घ्य के दौरान पति-पत्नी साथ में पूजन करते हैं। लेकिन, कुछ पुरुषों ने भी अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए छठ का व्रत रखा। एक्सप्रेस व्यू अपार्टमेंट निवासी सुजीत पांडे ने बताया कि वह 9 वर्षों से छठ का व्रत कर रहे हैं। उनके पिता गोपाल पांडे को हृदय रोग है। एक समय उनकी तबियत ज्यादा खराब हो गई थी और बड़े अस्पतालों में इलाज के बाद भी लाभ नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने छठ व्रत शुरू किया। उन्हें पूरा विश्वास है कि छठ मइया की कृपा उनके पिता और पूरे परिवार पर बनी रहेगी।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हुआ आयोजन 
छठ पर्व के अवसर पर विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ। विभिन्न कलाकारों ने भोजपुरी गीतों से भक्तों को भाव विभोर किया। छठ गीतों जैसे कांच ही बांस के बहंगिया, केलवा के पात पर उगेलन सुरुजमल, आठ ही के काठ के कोठरिया आदि की प्रस्तुति दी। नोएडा स्टेडियम, सेक्टर-71, 62 व 121 आदि स्थानों पर कार्यक्रम हुए। प्रवासी महासंघ एवं श्री सहयोग पूजा समिति जैसे कई संगठनों ने विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन में सहयोग किया।

पारंपरिक व्यंजनों का लगा भोग 
छठ के अवसर पर महिलाओं ने घरों में कई तरह के पारंपरिक व्यंजन जैसे ठेकुआ आदि बनाकर उनका भोग लगाया। छठ पूजा के दौरान पारंपरिक व्यंजनों का खास महत्व रहता है। हर दिन के पूजन के लिए अलग  अलग प्रकार के व्यंजन निश्चित होते हैं, जिनका भोग लगाकर पूजा की जाती है। इस दौरान गन्ना, अन्नानास, बड़ा नीबू व हल्दी जैसे उत्पादों का खास तौर पर प्रयोग होता है। अर्घ्य के दौरान महिलाओं ने लकड़ी के सूप में करीब 20-25 उत्पाद सजाकर पूजन किया।
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