चार दिन की पूजा
11 नवंबर को नहाय खाय
12 नवंबर को खरना
13 नवंबर को डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य
14 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य
बाजार भी खरीदारों से हुए गुलजार
छठ पर्व को लेकर बाजार में भी रौनक दिख रही है। इंदिरा मार्केट, हरौला मार्केट में छठ खरीदार दिख रहे हैं। बाजारों में सूप, दउरा, आम की लड़की, चूल्हा और फलों की दुकानें सज चुकी है। दुकानों में नारियल, चनादल, भखरा, सिंदुर, सेंधा नमक, गुड़, शुद्घ घी, मिटट्टी के बने बर्तन, आदि मिल रहे हैं।
पूजा पर भी महंगाई का असर
छठ पूजा की खरीदारी के लिए बाजारों में भीड़ है। हालांकि इस बार पिछले वर्ष की तुलना में पूजा की सामग्री पर महंगाई का असर दिख रहा है। सभी चीजों के रेट में 10 से 20 रुपये का अंतर आ गया है। हरौला मार्केट में पूजा के लिए टोकरा सजा कर दिया जा रहा है। इसकी कीमत 600 रुपये से शुरू है, जबकि पहले 500 रुपये में पूजा के सामने के साथ टोकरा मिल रहा था। टोकरे में पूजा का सामन बढ़ाने पर रेट बढ़ जाएंगे। कुछ लोग छठ पूजा के लिए 1200 रुपये तक में टोकरा तैयार करवा रहे हैं। बाजार में पीतल के सूप भी मिल रहे हैं।
पिछली बार इस बार
टोकरा 80 से 300 100 से 400
सूप 40 50 से 100 रुपये के बीच
पंचमेवा का पैकेट 10 15 से 15
छठ पूजा के लिए तैयार होते घाट
- फोटो : अमर उजाला
छठ पर्व के मद्देनजर नगर निगम दिल्ली के सभी घाटों पर साफ सफाई, रोशनी और सड़कें दुरुस्त करने में जुटा है। दक्षिणी निगम प्रत्येक वार्ड में छठ के दौरान होने वाले कार्यों के लिए 40 हजार रुपये देगा, जबकि उत्तरी निगम की पूर्व मेयर ने हरियाणा के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मुनक नहर के दिल्ली के दायरे में छठ घाट और सीढ़ियां बनवाने का आग्रह किया है। पूर्वी निगम के महापौर ने भी छठ की तैयारियों का जायजा लेते हुए 10 घाटों का निरीक्षण कर छठ पर्व के लिए माकूल तैयारियां रखने के निर्देश दिए हैं।
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की अेार से छठ के मौके पर श्रद्धालुओं के लिए लिए घाटों को स्वच्छ रखने सहित स्ट्रीट लाइट दुरुस्त के निर्देश दिए गए हैं। दक्षिणी निगम की अेार से स्वच्छता, रोशनी और निर्माण के लिए प्रत्येक वार्ड में 40-40 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। महापौर नरेंद्र चावला ने कहा कि छठ दिल्ली के उत्सव, त्योहारों और संस्कृति का अभिन्न अंग बन चुका है।
इस दिन श्रद्धालु सूर्य भगवान की उपासना करते हैं। सभी 104 वार्डों में छठ घाट के निर्माण व अन्य सुविधाओं के मद में निगम की ओर से 46.60 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रत्येक वार्ड में 40 हजार रुपये दिए जा रहे हैं, जिन्हें छठ घाट और आसपास की सफाई, निर्माण और रखरखाव पर खर्च किया जाएगा।
मंत्री गोपाल राय ने किया दौरा
- फोटो : अमर उजाला
उत्तरी निगम की पूर्व मेयर प्रीति अग्रवाल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद मनोज तिवारी को पत्र लिखकर मुनक नहर में छठ घाट और सीढ़ियां बनवाने का आग्रह किया है। अग्रवाल ने हरियाणा सरकार से इस संबंध में उचित दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
उन्होंने पत्र में लिखा कि करनाल से दिल्ली के बवाना, रोहिणी व हैदरपुर होते हुए यमुना नदी तक मुनक नहर जाती है। सफाई एवं निर्माण की वजह से नहर का स्तर गहरा हो गया है, जिससे इस वर्ष छठ व्रतियों को काफी कठिनाई होने की आशंका को देखते हुए इस दिशा में पहल की गई है। इससे करीब दो लाख छठ व्रतियों को लाभ मिलेगा। पूर्वांचली समाज की ओर से इस संबंध में कई बार लिखित पत्र भी मिले हैं।
पूर्वी दिल्ली के महापौर ने किया घाटों का निरीक्षण
पूर्वी दिल्ली के महापौर बिपिन बिहारी सिंह ने छठ पर्व के उपलक्ष्य में की जाने वाली तैयारियों का जायजा लिया। इसके तहत महापौर ने शाहदरा दक्षिणी क्षेत्र स्थित 10 घाटों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने छठ से पहले सड़कें, सफाई और रोशनी के पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम छठ के मद्देनजर सभी तैयारियां कर रहा है ताकि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।
दिल्ली सरकार के विकास मंत्री गोपाल राय ने राजस्व व बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के साथ आईटीओ स्थित छठ घाट का मुआयना किया। इस मौके पर उन्होंने छठ पूजा की तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया कि दिल्ली के सभी एक हजार छठ घाटों पर इंतजाम दुरुस्त होने चाहिए।
सरकार इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। 13 व 14 नवंबर को छठ पूजा के लिए इस बार दिल्ली सरकार ने करीब एक हजार घाट बनाने का आदेश जारी किया है। सभी छठ घाटों पर सुरक्षा इंतजाम के साथ नागरिक सुविधाओं के विकास की शुक्रवार को गोपाल राय ने जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने खासतौर से अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी एजेंसियों के साथ मिलकर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान की जाए। साथ ही इस तरह के इंतजाम हों, जिससे कोई दुर्घटना न हो सके। इसमें श्रद्धालुओं की भीड़ प्रबंधन पर जोर देना होगा।
गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और हर जगह पर आपदा प्रबंधन टीम की तैनाती हो। इसके साथ ही गोपाल राय ने कहा कि घाटों को साफ-सुथरा करने के साथ टेंट आदि जरूरी नागरिक सुविधाएं समय से पहले मुहैया कराई जाएं। गोपाल राय ने दो टूक शब्दों में कहा कि सारे इंतजाम दुरुस्त होने चाहिए।